फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 अगस्त 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर गुरुवार को जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं छात्रावासों का नोडल अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लेना रहा।
नोडल अधिकारियों ने राजकीय संकेत विद्यालय फतेहगढ़, मानसिक मंदित आश्रय गृह, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय मोहम्मदाबाद, राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास कायमगंज, राजकीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़, श्री फिरोज गांधी जनता इंटर कॉलेज कमालगंज सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गांधी/कमालगंज, राजेपुर, कायमगंज, शमसाबाद एवं नवाबगंज, राजकीय बालिका छात्रावास जमापुर-राजेपुर तथा जवाहर नवोदय विद्यालय मोहम्मदाबाद की व्यवस्थाएं भी जांची गईं।
भोजन, स्वच्छता और छात्रावास व्यवस्थाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील एवं भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, कार्यालय, शौचालय, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा छात्रावासों में बेड और कमरों की व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित जिम्मेदारों को मिली कमियों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में शिक्षकों की कार्यप्रणाली और छात्र-छात्राओं के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई। जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित न करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
सह-पाठ्यगामी गतिविधियों पर जोर
नोडल अधिकारियों को विद्यालयों में सह-पाठ्यगामी गतिविधियों (Extra Curricular Activities) को बढ़ावा देने तथा कार्ययोजना के अनुसार सभी विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रम संचालित कराने के निर्देश दिए गए। अभ्युदय कोचिंग में नवागत अधिकारियों के लिए प्रतिदिन एक घंटे का समय निर्धारित किए जाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और भोजन एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। मानसिक मंदित बच्चों को फल भी वितरित किए गए।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विद्यालयों एवं छात्रावासों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, स्वच्छ परिसर, गुणवत्तापूर्ण भोजन, सुरक्षित भवन और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर कराते हुए व्यवस्थाओं में लगातार सुधार सुनिश्चित किया जाए।
