फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 अगस्त 2026 जनपद में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ है, जिसके चलते बाढ़ का असर लगातार बना हुआ है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 20 अगस्त को गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर बिलो गेज दर्ज किया गया है।
63 गांव बाढ़ से प्रभावित
गंगा के बढ़े जलस्तर से जिले की तीन तहसीलों के कुल 63 गांव प्रभावित हुए हैं। तहसील सदर के 12, कायमगंज के 21 और अमृतपुर के 30 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में कुल 50,775 लोगों और 14,125 परिवारों के प्रभावित होने की सूचना है।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। आवागमन, खोज एवं बचाव के लिए तहसील सदर में 19 नावें व 6 मोटर बोट, कायमगंज में 20 नावें व 5 मोटर बोट तथा अमृतपुर में 28 नावें व 7 मोटर बोट लगाई गई हैं। इस तरह जिले में कुल 67 नावें और 18 मोटर बोट तैनात हैं।
24 बाढ़ शरणालय और 52 बाढ़ चौकियां सक्रिय
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जनपद में मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें तीन शरणालयों का उपयोग किया जा चुका है, जहां अब तक 661 लोगों ने प्रवास किया और उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया।
इसके अलावा बाढ़ की स्थिति पर निगरानी और राहत कार्यों के संचालन के लिए 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं, जिन पर आवश्यक कार्मिकों की तैनाती की गई है।
NDRF और फ्लड PAC की तैनाती
राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए जिले में एक टीम एनडीआरएफ और एक कंपनी फ्लड पीएसी मोटर बोट एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अतिरिक्त 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।
256 मेडिकल कैंप, 14 हजार से अधिक लोगों का उपचार
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। अब तक 256 मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें 14,526 लोगों का उपचार किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 13,893 ओआरएस पैकेट और 18,020 क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं।
प्रशासन के अनुसार जरूरत के मुताबिक मेडिकल कैंप लगातार लगाए जा रहे हैं। जनपद में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी की भी पर्याप्त उपलब्धता बताई गई है।
पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित गांवों में 82 पशु शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 5,776 पशुओं का उपचार तथा 12,676 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशु राहत शिविरों में रह रहे पशुओं के लिए अब तक 223.74 कुंतल भूसे का वितरण किया जा चुका है।
12,734 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित
राहत कार्यों के तहत बाढ़ प्रभावित 12,734 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य जारी है।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता
बाढ़ से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों वाले 21 परिवारों को कुल 25.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई है। वहीं 25 प्रभावित परिवारों को 80 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन/पट्टा भी किया जा चुका है।
बाढ़ शरणालयों में बच्चों की पढ़ाई जारी
प्रशासन ने बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता दी है। शरणालयों में बच्चों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, खाद्यान्न वितरण और शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाए जा रहे हैं।
