फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 अप्रैल 2026 समाजवादी पार्टी में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आई है। पार्टी के सक्रिय और संघर्षशील नेता गौरव यादव आज़ाद ने जिला महासचिव पद से हटाए जाने के बाद मीडिया के समक्ष प्रेस नोट जारी कर अपनी नाराज़गी व्यक्त की है।
गौरव यादव आज़ाद ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी को उन्होंने अपना घर समझा, उसी में कुछ तथाकथित लोगों के इशारे पर मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष इज़हार ख़ान द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने इसे पार्टी संविधान के खिलाफ बताया।
उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनका समर्पण किसी पद का मोहताज नहीं है। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने निडर होकर तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया था और रोड शो को बाधित करने का प्रयास किया था। उस दौरान पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी झेलने के बावजूद उनका मनोबल नहीं टूटा।
गौरव ने आगे कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी मतगणना के समय हुए विवाद में उन्होंने सपा प्रत्याशी के समर्थन में संघर्ष किया, जिसमें उनका हाथ तक टूट गया। चुनाव से पहले पुलिस दबिश और मुकदमों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।
इसके बावजूद उन्हें पद से हटाए जाने को उन्होंने निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम दर्शाता है कि फर्रुखाबाद में पार्टी को अब समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं की आवश्यकता नहीं समझी जा रही है।
गौरव यादव आज़ाद ने जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव को हटाने की मांग करते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे और संगठन मजबूत हो सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, इस बयान के बाद फर्रुखाबाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
