फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 मई 2025 कायमगंज नगर एक बार फिर सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना, जब भगवान बुद्ध के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए एक भव्य और विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक थी, बल्कि सामाजिक एकता, समानता और भाईचारे का सशक्त संदेश भी लेकर आई। दूर-दराज के गांवों और कस्बों से हजारों की संख्या में बुद्ध अनुयायी इस आयोजन में शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र “जय भीम” और “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” के नारों से गूंज उठा।
रैली की शुरुआत बड़े ही व्यवस्थित और उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। अनुयायी हाथों में नीले झंडे, बैनर और भगवान बुद्ध के संदेशों से सजे पोस्टर लेकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। हर उम्र के लोग—युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे—इस रैली का हिस्सा बने, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन जैसा प्रतीत हुआ।
इस महत्वपूर्ण रैली में क्षेत्र के कई प्रमुख नेता, समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें अमापुर के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सत्तन शाक्य, फर्रुखाबाद के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर शाक्य जी, अवनीश शाक्य, अरुण शाक्य, कायमगंज के पूर्व विधायक अमरसिंह, कायमगंज के चेयरमैन डॉ. शरद गंगवार जी, शमशाबाद तृतीय से ज़िला पंचायत प्रत्याशी जयन्त शाक्य तथा सामाजिक कार्यकर्ता लड़े ते लाल उत्तम प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने अपने-अपने संबोधन में भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को आज के समय में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
वक्ताओं ने कहा कि भगवान बुद्ध ने मानवता को जो मार्ग दिखाया, वह केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बेहतर समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने अहिंसा, करुणा, मैत्री और समता जैसे मूल्यों को अपनाकर समाज में फैली असमानता, भेदभाव और कट्टरता को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब बुद्ध के विचार हमें सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।
रैली के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे कहीं भी अव्यवस्था या असुविधा की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। जगह-जगह पर लोगों ने रैली का स्वागत किया और पुष्प वर्षा कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इस आयोजन का एक विशेष पहलू यह भी रहा कि इसमें केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों और क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बुद्ध अनुयायी पहुंचे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि भगवान बुद्ध के विचारों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलेंगे और समाज में शांति, प्रेम और समानता स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। यह रैली न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में सफल रही, बल्कि इसने सामाजिक चेतना को जागृत करने और लोगों को एकजुट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुल मिलाकर, कायमगंज में निकली यह बुद्ध रैली एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन सिद्ध हुई, जिसने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ता है, तो परिवर्तन अवश्य संभव होता है
