फर्रुखाबाद में स्कूलों की मनमानी पर सख्ती, छात्रों को किताब-ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करना गैरकानूनी

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 मार्च 2026 जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय ने जिले के विद्यालयों द्वारा की जा रही मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह सामने आया है कि कुछ विद्यालयों के प्रधानाचार्य छात्रों को कॉपी, किताबें, ड्रेस, बेल्ट, टाई और जूते आदि विद्यालय से ही खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जो कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, किसी भी छात्र या अभिभावक को शैक्षिक सामग्री किसी विशेष स्थान या विद्यालय से खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह अवैध है और इस पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा यह भी शिकायत मिली है कि कुछ विद्यालय एनसीईआरटी (NCERT) की निर्धारित पुस्तकों को नजरअंदाज कर अन्य निजी प्रकाशकों की किताबें अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर रहे हैं। विभाग ने इसे भी गंभीर अनियमितता माना है और सभी विद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही पाठ्यक्रम में शामिल करें।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के तहत विद्यालयों को शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतनी होगी। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही शुल्क लिया जाए, अन्यथा संबंधित विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।

विभाग ने सभी स्कूलों को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों से अपील:

यदि किसी भी विद्यालय द्वारा छात्रों को जबरन सामान खरीदने या अनियमित शुल्क वसूलने के लिए दबाव बनाया जाता है, तो इसकी शिकायत तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज कराएं।

यह कदम जिले में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।