फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 मई 2026 जनपद की रहने वाली एक महिला ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन और गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि गलत ऑपरेशन के कारण उसकी जान तक खतरे में पड़ गई थी और बाद में दूसरे अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा।
थाना शमसाबाद क्षेत्र के गांव तराई निवासी श्रीमती शबीना पत्नी अफसार ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गर्भवती होने के बाद वह 16 अक्टूबर 2023 को फतेहगढ़ स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में जांच कराने गई थीं। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर कमलेश शर्मा और डॉ. पूनम शर्मा ने जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया और उसी दिन ऑपरेशन किया गया, जिसमें उन्होंने एक पुत्री को जन्म दिया।
पीड़िता के अनुसार ऑपरेशन के दो दिन बाद ही उनके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। 18 अक्टूबर को पुनः अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड और जांच कर सब कुछ सामान्य बताया। कुछ समय बाद दर्द और बढ़ गया। 7 नवंबर 2023 को जब वह दोबारा अस्पताल पहुंचीं और सही तरीके से जांच करने की बात कही, तो आरोप है कि डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अस्पताल से भगा दिया।
इसके बाद पीड़िता 15 नवंबर 2023 को आगरा स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल पहुंचीं, जहां डॉक्टर संगीता राठौर ने जांच के बाद बताया कि पहले ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही हुई है। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान टांके सही ढंग से नहीं लगाए गए, जिससे पेट के अंदर गांठ बन गई और उसमें मवाद पड़ गया। डॉक्टरों ने तत्काल दोबारा ऑपरेशन कराने की सलाह दी, जिसके बाद पीड़िता का पुनः ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में पीड़िता स्वस्थ बताई जा रही हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्लोबल हॉस्पिटल में ब्लड बैंक की व्यवस्था न होने के बावजूद बिना उचित पहचान और जांच के मरीजों को ब्लड चढ़ाया जाता था, जो गंभीर अनियमितता और मरीजों की जान से खिलवाड़ है।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने पहले थाना स्तर पर शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा गया। मामले में कार्रवाई न होने पर उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में डॉक्टर कमलेश शर्मा और डॉ. पूनम शर्मा को दोषी पाया गया है। पीड़िता ने दावा किया कि जांच रिपोर्ट में चिकित्सीय लापरवाही की पुष्टि हुई है और यह भी उल्लेख किया गया कि इस लापरवाही से उनकी जान जा सकती थी।
मामले में सीजेएम न्यायालय द्वारा भी डॉक्टरों की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ धारा 308 और 504 आईपीसी के तहत तलब करने का आदेश जारी किया गया है।
पीड़िता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि दोषी डॉक्टरों और संबंधित अस्पताल के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज या प्रतिबंधित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज की जान खतरे में न पड़े।
