फर्रुखाबाद:ग्रीष्मकाल में आगजनी से बचाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 अप्रैल 2026 जिले में बढ़ती गर्मी के साथ अग्निकांड की घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, श्री अरूण कुमार सिंह ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आग से होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्रशासन ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में विशेषकर गेहूं की फसल के दौरान खेतों में आग लगने की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

⚠️ आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि—

फसल कटने के बाद खेतों में अवशेष न जलाएं।

तेज हवाओं के दौरान चूल्हे या भट्ठी पर भोजन बनाने से बचें।

जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या माचिस इधर-उधर न फेंकें।

खाना बनाते समय ढीले या पॉलिस्टर कपड़े पहनने से बचें।

बच्चों की पहुंच से माचिस, स्टोव और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं दूर रखें।

गैस सिलेंडर के पास ज्वलनशील सामग्री न रखें।

बिजली उपकरणों की नियमित जांच कराएं और एमसीबी का उपयोग करें।

🚨 आपात स्थिति में क्या करें

यदि कहीं आग लगती है तो घबराने के बजाय तत्काल सुरक्षित निकास मार्ग का उपयोग करें और दूसरों को भी बाहर निकालने में मदद करें। कपड़ों में आग लगने पर “स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल” तकनीक अपनाएं। धुएं से बचने के लिए झुककर चलें और मुंह को गीले कपड़े से ढकें।

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी भवन में कम से कम दो निकास मार्गों की जानकारी रखें और आग लगने की स्थिति में जलती इमारत में दोबारा प्रवेश न करें।

☎️ आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर

किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों को सूचित करें—स्वास्थ्य सेवा: 102 / 108, पुलिस: 112, अग्निशमन सेवा: 101, आपदा प्रबंधन: 1077, इसके अलावा जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (9454416457,05692-235077) एवं फायर स्टेशन फतेहगढ़ (9454418424, 9454418423) के नंबर भी जारी किए गए हैं।

जनहित में जारी अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन सावधानियों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाओं को रोका जा सके और जन-धन की हानि से बचा जा सके।