फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 जुलाई 2026 जनपद में गर्भवती महिलाओं को एनीमिया (खून की कमी) से मुक्त कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एफसीएम (Ferric Carboxymaltose) थेरेपी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने सभी सरकारी चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर जांच कर आवश्यकतानुसार एफसीएम थेरेपी उपलब्ध कराई जाए।
सीएमओ डॉ. आनन्द उपाध्याय ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में नियमित हीमोग्लोबिन जांच, समय पर पहचान और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार एफसीएम थेरेपी उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह थेरेपी गंभीर एवं मध्यम एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में तेजी से हीमोग्लोबिन बढ़ाने में प्रभावी साबित हो रही है, जिससे सुरक्षित प्रसव की संभावना बढ़ती है और जटिलताओं का जोखिम कम होता है।
सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि क्षेत्र की कोई भी गर्भवती महिला एनीमिया की जांच एवं उपचार से वंचित न रहे। चिन्हित गर्भवतियों का नियमित फॉलोअप किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र पर रेफर किया जाए।
उन्होंने बताया कि जनपद में संचालित मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा की जा रही है और उपचार की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी स्वास्थ्य इकाइयों को एफसीएम थेरेपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उपचार संबंधी समस्त विवरण समय से पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. आनन्द उपाध्याय ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान कमजोरी, चक्कर आना, अत्यधिक थकान या खून की कमी जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निःशुल्क जांच एवं उपचार अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, उचित उपचार और एफसीएम थेरेपी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से ही स्वस्थ मां, सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।
