फर्रुखाबाद:सूरत में जनपद का 45 वर्षीय कारोबारी कर्मचारी रहस्यमय तरीके से लापता, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 29 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश के जनपद के हरसिंहपुर गोवा गांव निवासी करीब 45 वर्षीय रामतीर्थ सिंह पुत्र जयचंद्र सिंह के गुजरात के सूरत से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। रामतीर्थ सिंह सूरत स्थित सतनामी प्रिंट्स नामक प्रतिष्ठान में काम करते थे। उनके लापता होने के बाद परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर उन्हें सकुशल बरामद करने की मांग की है।

कारोबारी के माध्यम से सूरत गए थे रामतीर्थ

परिजनों के अनुसार, रामतीर्थ सिंह को फर्रुखाबाद से कारोबारी की जिम्मेदारी पर सूरत स्थित कारखाने में काम करने के लिए ले जाया गया था। परिवार का कहना है कि उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था और वह कारखाने में ही रह रहे थे।

परिजनों के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे से रामतीर्थ अचानक लापता हो गए। परिवार को अगले दिन 22 अगस्त को उनके लापता होने की जानकारी मिली, जिसके बाद परिजन सूरत पहुंचे और उनकी तलाश शुरू की।

फैक्ट्री मालिक से विवाद होने का परिजनों का दावा

सूरत के पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में परिजनों ने दावा किया है कि रामतीर्थ के लापता होने से पहले उनका फैक्ट्री मालिक नमित साध से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। परिवार का कहना है कि कर्मचारियों से जानकारी लेने के बाद उन्हें दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद होने की जानकारी मिली।

हालांकि, विवाद और लापता होने के बीच क्या संबंध है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों ने पुलिस से इस बिंदु की भी जांच करने की मांग की है।

अस्पताल जाने की भी सामने आई जानकारी

परिजनों के अनुसार, रामतीर्थ के अस्पताल जाने और वहां भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उन्हें किस वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

परिवार का दावा है कि अस्पताल से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में रामतीर्थ सामान्य अवस्था में आते-जाते और चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उनका कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।

मानसिक स्थिति को लेकर कारोबारी के दावे पर परिजनों ने जताई आपत्ति

परिजनों का आरोप है कि कारोबारी की ओर से पुलिस के समक्ष रामतीर्थ के स्वयं कहीं चले जाने की बात कही गई है। परिवार के मुताबिक, कारोबारी ने रामतीर्थ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का दावा भी किया है।

वहीं रामतीर्थ के भाई सोनू यादव और मोनू यादव ने इन दावों से इनकार किया है। उनका कहना है कि रामतीर्थ नियमित रूप से काम कर रहे थे और उन्हें करीब 30 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा था। परिवार के अनुसार, उन्हें रामतीर्थ की मानसिक स्थिति को लेकर पहले कभी किसी गंभीर समस्या की जानकारी नहीं थी।

खटोदरा पुलिस स्टेशन में दी सूचना, एसपी से भी लगाई गुहार

परिवार के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 को खटोदरा पुलिस स्टेशन, सूरत में रामतीर्थ के लापता होने की सूचना दी गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

इसके बाद 27 अगस्त 2026 को सूरत के पुलिस अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र देकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ता के रूप में नेम सिंह पुत्र जयचंद्र सिंह, निवासी ग्राम हरसिंहपुर गोवा, थाना मऊदरवाजा, जिला फर्रुखाबाद का विवरण दर्ज होने की बात सामने आई है।

परिजनों ने पुलिस से फैक्ट्री मालिक से पूछताछ करने, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों की जांच करने तथा रामतीर्थ सिंह की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की है।

पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल रामतीर्थ सिंह का कोई पता नहीं चल पाया है और परिवार उनकी तलाश को लेकर चिंतित है। परिजनों ने उनके साथ किसी गंभीर अप्रिय घटना की आशंका जताई है।

हालांकि, कारोबारी पर लगाए गए आरोपों तथा रामतीर्थ के लापता होने की वास्तविक वजह की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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