सीतापुर पुलिसकर्मी बनकर व्यापारियों को ठग रहा साइबर गिरोह, मिश्रिख में कई लोग बने निशाना

मिश्रिख कस्बे में साइबर ठगों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। ठग खुद को पुलिसकर्मी, कोतवाली का कर्मचारी या सीओ कार्यालय से जुड़ा अधिकारी बताकर व्यापारियों को फोन कर रहे हैं। वे पहले सामान खरीदने का बहाना बनाते हैं, फिर खाते में गलती से अधिक रकम भेजने का दावा कर रुपये वापस मांगकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से व्यापारियों में दहशत का माहौल है। सोमवार देर शाम करीब एक दर्जन व्यापारी कोतवाली पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। व्यापारी गोपाल गुप्ता ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने सीमेंट खरीदने की बात कही और भुगतान भेजने का दावा किया। कुछ देर बाद उसी व्यक्ति ने दोबारा कॉल कर कहा कि गलती से अधिक रुपये ट्रांसफर हो गए हैं, इसलिए अपना भुगतान काटकर 42,750 रुपये तुरंत वापस कर दें। कॉल करने वाले ने स्वयं को मिश्रिख कोतवाली का कर्मचारी बताया। पुलिस का नाम सुनकर गोपाल गुप्ता ने भरोसा कर ऑनलाइन रुपये भेज दिए। बाद में बैंक खाते की जांच करने पर पता चला कि उनके खाते में कोई अतिरिक्त रकम आई ही नहीं थी। तब उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इसी तरह व्यापारी सुशील कुमार के पास भी रविवार को फोन आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को सीओ कार्यालय से जुड़ा बताते हुए कहा कि गलती से 50 हजार रुपये उनके खाते में चले गए हैं और यदि रकम वापस नहीं की गई तो पुलिस कार्रवाई होगी। सुशील कुमार ने खाते की जांच की तो कोई राशि प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। सोमवार को विनोद यादव की दुकान पर भी इसी तरह का फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम संतोष कुमार बताते हुए खुद को मिश्रिख कोतवाली से जुड़ा बताया। जब विनोद यादव ने ऑनलाइन भुगतान न कर पाने की बात कही तो उसने नगद रुपये लेने के लिए एक व्यक्ति को दुकान पर भेज दिया। व्यापारी को संदेह होने पर उसने उस व्यक्ति को रोक लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस संदिग्ध से पूछताछ करने के साथ उसके मोबाइल की भी जांच कर रही है।पीड़ित व्यापारियों ने पुलिस से मोबाइल नंबरों की जांच कर साइबर ठगों के पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कस्बा प्रभारी गुड्डू जोशी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर, बैंक खाते में राशि प्राप्त होने की पुष्टि किए बिना ऑनलाइन या नकद भुगतान न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने को दें।

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