पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का ऐलान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से बचाना और जरूरी ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना है. इस फैसले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है.
सीएम ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का निर्णय सही समय पर लिया गया कदम है. यह फैसला पश्चिम एशिया संकट के बीच लोगों को राहत देगा, देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखेगा और आर्थिक स्थिरता को मजबूती देगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय आम लोगों को राहत देने और बाजार में संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
उधर, इस फैसले के संदर्भ में वित्त मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर आम लोगों पर न पड़े. उनके मुताबिक सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से नागरिकों को अधिक परेशानी न हो.
मंत्री ने बताया था कि सरकार ने घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर भी नई ड्यूटी लगाने का फैसला किया है. इसके तहत डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगाई गई है. सरकार का कहना है कि इस कदम से देश के भीतर ईंधन की सप्लाई बेहतर बनी रहेगी. इस संबंध में संसद को भी सूचित कर दिया गया है.
बता दें एक्साइज ड्यूटी घटाने से आम आदमी पर सीधा असर नहीं पड़ेगा बल्कि तेल कंपनियों को लाभ होगा और उन पर बोझ नहीं बढ़ेगा. यूपी में फिलहाल पेट्रोल 94 रुपये से 95 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 87-88 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
