वायुगतिकी (Aerodynamics) गतिविज्ञान की वह शाखा है जिसमें वायु तथा अन्य गैसीय तरलों (gaseous fluids) की गति का और इन तरलों के सापेक्ष गतिवान ठोसों पर लगे बलों का विवेचन होता है। इस विज्ञान के सार्वाधिक महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों में से एक अनुप्रयोग वायुयान की अभिकल्पना है। परिचय सभी गैसों में श्यानता (viscosity) और संपीड्यता (compressibility), दो गुण न्यूनाधिक मात्रा में होते हैं। तीसरा गुणा समांगता (homogeneity) का है। यद्यपि वायु विविक्त अणुओं (discrete molecules) से बनी होती है, इसे संतत माध्यम अथवा सांतत्यक (continuum) मान लेने में त्रुटि तब तक…
Category: टेक्नोलॉजी
डिजिटल वोटर आईडी कार्ड जानिए कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, ये रहा स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
इस साल नेश्नल वोटर्स डे के मौके पर इलेक्शन कमिशन ने e-EPIC की सुविधा की शुरुआत की थी. इसके जरिए कोई भी अपना डिजिटल वोटर आईडी कार्ड मोबाइल या कंप्यूटर से डाउनलोड कर सकता है. भारत में वोटर आईडी (Voter ID) कार्ड सबसे अहम दस्तावेजों में से एक है. वोट देने के अलावा कई जरूरी कामों के लिए हमें इसकी आवश्यकता होती है. ये एड्रैस प्रूफ के तौर पर महत्वूर्ण आईडी है. लेकिन कई बार हमारे सामने ऐसी मुश्किल आ जाती है कि हमें वोटर आईड कार्ड की अर्जेंट जरूरत…
क्या होता जीवाणु आइये जानते है इसके बारे में
जीवाणु एक एककोशिकीय जीव है। इसका आकार कुछ मिलिमीटर तक ही होता है। इनकी आकृति गोल या मुक्त-चक्राकार से लेकर छड़, आदि आकार की हो सकती है। ये अकेन्द्रिक, कोशिका भित्तियुक्त, एककोशकीय सरल जीव हैं जो प्रायः सर्वत्र पाये जाते हैं। ये पृथ्वी पर मिट्टी में, अम्लीय गर्म जल-धाराओं में, नाभिकीय पदार्थों में, जल में, भू-पपड़ी में, यहां तक की कार्बनिक पदार्थों में तथा पौधौं एवं जन्तुओं के शरीर के भीतर भी पाये जाते हैं। साधारणतः एक ग्राम मिट्टी में 4 करोड़ जीवाणु कोष तथा 1 मिलीलीटर जल में 10…
नई दिल्ली:मार्क ज़करबर्ग की भविष्यवाणी: “एआई चश्मा नहीं पहनने वाला व्यक्ति होगा पीछे, स्मार्टफ़ोन की जगह लेगा एआई”
नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 अगस्त 2025 मेटा (Meta) के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने हाल ही में एक चौंकाने वाली और भविष्य की दिशा तय करने वाली बात कही है। उनका मानना है कि भविष्य में जो व्यक्ति एआई चश्मा (AI Glasses) नहीं पहनेगा, वह तकनीकी दुनिया में पिछड़ जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यह दावा भी किया कि अगले दस वर्षों के भीतर स्मार्टफोन का स्थान पूरी तरह एआई चश्मे ले लेंगे। क्या है एआई चश्मा? एआई चश्मा, जिसे “स्मार्ट ग्लासेस” भी कहा जाता है, दरअसल एक ऐसा…
गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत
गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटेशन) एक पदार्थ द्वारा एक दूसरे की ओर आकृष्ट होने की प्रवृति है। गुरुत्वाकर्षण के बारे में पहली बार कोई गणितीय सूत्र देने की कोशिश आइजक न्यूटन द्वारा की गयी जो आश्चर्यजनक रूप से सही था। उन्होंने गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत का प्रतिपादन किया। न्यूटन के सिद्धान्त को बाद में अलबर्ट आइंस्टाइन द्वारा सापेक्षता सिद्धांत से बदला गया। इससे पूर्व वराह मिहिर ने कहा था कि किसी प्रकार की शक्ति ही वस्तुओं को पृथिवी पर चिपकाए रखती है। गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत का इतिहास वैज्ञानिक क्रांति गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत पर आधुनिक काम 16 वीं…
रेशमकीट का पालन
भारत का रेशम उत्पादन धीरे-धीरे बढ़कर जापान और पूर्व सोवियत संघ देशों से ज्यादा हो गया है, जो कभी प्रमुख रेशम उत्पादक हुआ करते थे। भारत इस समय विश्व में चीन के बाद कच्चे सिल्क का दूसरा प्रमुख उत्पादक है। वर्ष 2014-15 में इसका 19,690 टन उत्पादन हुआ था, जो वैश्विक उत्पादन का 15.5 फीसदी है। भारत रेशम का सबसे बड़ा उपभोक्ता होने के साथ-साथ पांच किस्मों के रेशम-मलबरी, टसर, ओक टसर, एरि और मुगा सिल्क का उत्पादन करने वाला अकेला देश है और यह चीन से बड़ी मात्रा में…
5जी के लॉन्च से आपको होंगे यह फायदे, बदल रही है दुनिया
मोबाइल फोन के इतिहास में कभी भी नई तकनीक के बारे में इतना प्रचार नहीं किया गया, जितना 5G टेक्नोलॉजी का हो रहा है। मोबाइल फोन ऑपरेटर, हैंडसेट निर्माता और उपकरण विक्रेता इस ग्राउंड ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे पहले कुछ बड़ा हासिल करने का दावा करने के लिए बेकरार हैं। मगर, इसके साथ ही कई चीजें दांव पर लगी हैं। मोबाइल उद्योग को भी 5G की सख्त जरूरत है। इसके जरिए वह नए राजस्व स्रोतों, बाजार में हिस्सेदारी या विकास को बढ़ावा देना चाहता है। बताते चलें कि…
नीला घेरा ‘मेटा ए आई’ आखिर क्या है आइये जानते हैं
आजमगढ़: आखिर क्या है यह नीला गोला व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आजकल एक नीला गोला (घेरा) दिखाई दे रहा है। ज्यादातर मोबाइल यूजर्स समझ नहीं पा रहे हैं कि यह क्या है और इसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन यह हट भी नहीं रहा है! दरअसल, यह नीला घेरा मेटा द्वारा लॉन्च किए गए स्मार्ट असिस्टेंट मेटा एआई को दर्शा रहा है। इस एआई असिस्टेंट का इस्तेमाल भारत में यूजर्स मुफ्त में कर सकते हैं और यह अब देश में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है। मेटा एआई…
5जी क्या है?
जानते हैं कि ये 5जी, 4जी से कैसे अलग है और ये नेटवर्क क्या कर सकता है.मोबाइल फोन में 3जी नेटवर्क के साथ इंटरनेट ब्राउजिंग की शुरुआत हुई. मोबाइल पर वेबसाइट्स खोली जाने लगीं, मैप भी दिखने लगा. SMS से भरी 2जी नेटवर्क की दुनिया धीरे धीरे खत्म होने लगी. नई और हाई स्पीड प्रोसेसिंग चिप के विकास, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और वायरलेस नेटवर्क के विस्तार के साथ फोर्थ जेनेरेशन या 4जी नेटवर्क आया. यह तकनीकी छलांग थी. स्मार्टफोन और टैबलेट्स में बिना किसी तार के हाई स्पीड डाटा आने…
मधुमक्खी में पाए जाने वाले विष से होगा कैंसर का उपचार
कैंसर के कारण दुनिया में लाखों लोग मृत्यु का शिकार हो जाते हैं. इस रोग को लेकर बहुत ज्यादा समय से अध्ययन चल रहा है, लेकिन आजतक इसकी कोई अच्छा दवा नहीं बनी. हाल में एक अध्ययन में पता चला है कि मधुमक्खी में पाए जाने वाले विष से स्तन कैंसर का उपचार होने कि सम्भावना है. इस शोध के मुताबिक मधुमक्खी का विष स्तन कैंसर की कोशिकाओं को कम समय में समाप्त कर देता है व शरीर के अन्य स्वस्थ कोशिकाओं को बहुत कम नुकसान पहुंचाता है. इस शोध…
गुंडा निकला ये तोता, डॉक्टर से की ऐसी हरकत कि मालिक पहुंच गया जेल
ताइवान में एक शख्स के पालतू तोते ने डॉक्टर के साथ ऐसी हरकत कर दी कि उस शख्स को अब दो महीने जेल की सजा काटनी पड़ेगी. इतना ही नहीं तोते की साल 2020 में की गई इस हरकत के कारण उसके मालिक को अब 74 लाख रुपये का जुर्माना भी भुगतना होगा. दरअसल तोते के अचानक डरा देने के कारण डॉक्टर फिसलकर गिर गए थे और उनकी कई हड्डी टूट गई थीं. इसके चलते उन्हें करीब एक साल तक बिस्तर पर रहना पड़ा था. इसी कारण उन्होंने तोते के…
तरबूज की खेती शुरू करने के लिए यह सही समय
तरबूज की खेती शुरू करने के लिए यह सही समय है। किसान तरावट देने वाले तरबूज की खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं। गर्मियों में इसकी मांग भी ज्यादा रहती है जिससे किसान बढिय़ा मुनाफा कमा सकता है। भूमि एवं जलवायु तरबूज की खेती कई तरह की मिट्ïटी में की जाती है, लेकिन बलुई दोमट मिट्ïटी इसकी खेती के लिए उपयुक्त रहती है। खेत तैयार करने के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से और बाद की जुताई देशी हल या कल्टीवेटर से करते हैं। खेत को समतल…
शरीर रचना विज्ञान
शारीरिकी, शारीर या शरीररचना-विज्ञान जीव विज्ञान और आयुर्विज्ञान की एक शाखा है जिसके अंतर्गत किसी जीवित (चल या अचल) वस्तु का विच्छेदन कर, उसके अंग प्रत्यंग की रचना का अध्ययन किया जाता है। अचल में वनस्पतिजगत तथा चल में प्राणीजगत का समावेश होता है और वनस्पति और प्राणी के संदर्भ में इसे क्रमश: पादप शारीरिकी और जीव शारीरिकी कहा जाता है। जब किसी विशेष प्राणी अथवा वनस्पति की शरीररचना का अध्ययन किया जाता है, तब इसे विशेष शारीरिकी (अंग्रेजी:Special Anatomy) अध्ययन कहते हैं। जब किसी प्राणी या वनस्पति की शरीररचना…
