अरवल के इंडोर स्टेडियम में 12 से 14 अक्टूबर तक तीन दिवसीय सोलर मेला का आयोजन, एक ही स्थान पर आवेदन, बैंक ऋण, सब्सिडी एवं वेंडर चयन की सुविधा
अरवल से द दस्तक 24 प्रतिनिधि द्वारा
अरवल, दिनांक 12 अक्टूबर। जिला पदाधिकारी, अरवल श्रीमती अमृषा बैंस के निर्देशानुसार जिले के अधिक से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना से जोड़ने, सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा आमजनों को बिजली बिल में बचत का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज से 14 अक्टूबर, तक इंडोर स्टेडियम, अरवल में तीन दिवसीय सोलर मेला का आयोजन किया गया है।
इस मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के बिजली उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की स्थापना, उससे होने वाले बिजली उत्पादन, सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण, आवेदन प्रक्रिया एवं वेंडर चयन से संबंधित समस्त आवश्यक जानकारी एवं सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है, ताकि आमजन बिना किसी अनावश्यक परेशानी के अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल अधिष्ठापित करा सकें।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष सोलर मेले में आने वाले इच्छुक उपभोक्ता योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आवेदन समर्पित कर सकते हैं। साथ ही, बैंक ऋण की सुविधा, सब्सिडी संबंधी मार्गदर्शन एवं अपनी पसंद के पंजीकृत वेंडर के चयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक सोलर पैनल से कितना होगा बिजली उत्पादन?
सोलर पैनल की क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन की जानकारी देते हुए बताया गया कि यदि किसी उपभोक्ता द्वारा अपने घर की छत पर 1 किलोवाट का सोलर पैनल अधिष्ठापित कराया जाता है, तो उससे अनुकूल मौसम एवं पर्याप्त धूप की स्थिति में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। इस प्रकार एक माह में लगभग 120 से 150 यूनिट तक बिजली प्राप्त की जा सकती है।
इसी प्रकार 2 किलोवाट का सोलर पैनल लगाए जाने पर प्रतिदिन लगभग 8 से 10 यूनिट एवं प्रतिमाह लगभग 240 से 300 यूनिट बिजली का उत्पादन संभव है।
वहीं, 3 किलोवाट का सोलर पैनल अधिष्ठापित किए जाने पर प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट तथा प्रतिमाह लगभग 360 से 450 यूनिट तक बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।
इस प्रकार उपभोक्ता अपनी घरेलू बिजली खपत एवं आवश्यकता के अनुरूप सोलर पैनल की क्षमता का चयन कर बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत कर सकते हैं।
सोलर पैनल की स्थापना पर केंद्र एवं बिहार सरकार से सब्सिडी का लाभ
योजना के संबंध में दी गई जानकारी के अनुसार सोलर पैनल की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र एवं बिहार सरकार द्वारा पात्र उपभोक्ताओं को अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
मेले में दी जा रही जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सब्सिडी का विवरण निम्नवत है— पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाए जाने पर केंद्र सरकार द्वारा एक किलोवाट के सोलर पैनल पर तीस हजार रुपए, दो किलोवॉट क्षमता वाले सोलर पैनल के अधिष्ठापन पर साठ हजार रुपये एवं तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाने पर अठहत्तर हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है।
बिहार सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की क्षमता के आधार पर राज्य सब्सिडी प्रदान की जाती है। 1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल पर ₹10,000, 2 किलोवाट पर ₹20,000 तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर पैनल पर ₹20,000 की सब्सिडी दी जाती है। राज्य सरकार की यह सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त है। सब्सिडी का लाभ पात्रता एवं लागू सरकारी प्रावधानों के अनुसार दिया जाएगा।
बताया गया कि 3 किलोवाट सोलर पैनल की स्थापना पर अनुमानित परियोजना लागत लगभग ₹2,00,000 से ₹2,10,000 तक हो सकती है। यदि परियोजना लागत ₹2,10,000 मानी जाए तथा पात्र उपभोक्ता को केंद्र एवं बिहार सरकार से कुल ₹98,000 की सब्सिडी प्राप्त होती है, तो सब्सिडी की राशि घटाने के उपरांत उपभोक्ता को लगभग ₹1,12,000 का ही व्यय वहन करना होगा।
इस प्रकार सरकारी अनुदान के माध्यम से सोलर पैनल की स्थापना पर होने वाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आती है। वास्तविक लागत एवं अनुदान की राशि लागू योजना प्रावधानों, पात्रता तथा चयनित वेंडर के अनुसार निर्धारित होगी।
3 किलोवाट सोलर पैनल से प्रतिमाह ₹3,000 तक की संभावित बचत
3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाए जाने पर अनुकूल परिस्थितियों में प्रतिमाह लगभग 450 यूनिट तक बिजली का उत्पादन हो सकता है। घरेलू बिजली की खपत, लागू विद्युत दर एवं नेट मीटरिंग व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं को प्रतिमाह लगभग ₹2,500 से ₹3,000 तक की संभावित बचत हो सकती है।
सोलर पैनल की सामान्य उपयोगी अवधि लगभग 25 वर्ष मानी जाती है। उचित रखरखाव के साथ उपभोक्ता लंबे समय तक सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
बिहार सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली के अतिरिक्त होने वाली बिजली खपत पर भी सोलर पैनल के माध्यम से बिजली बिल में बचत की संभावना रहती है। इस प्रकार सोलर ऊर्जा का उपयोग घरेलू बिजली खर्च को कम करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
बैंक ऋण की सुविधा से सोलर पैनल लगवाना होगा आसान
सोलर मेले की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इच्छुक उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की स्थापना के लिए बैंक ऋण से संबंधित जानकारी एवं आवश्यक सहयोग भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऐसे उपभोक्ता, जिनके पास सोलर पैनल लगवाने के लिए एकमुश्त राशि उपलब्ध नहीं है, वे पात्रता एवं बैंक की शर्तों के अनुसार ऋण प्राप्त कर आसान मासिक किस्तों के माध्यम से सोलर पैनल की स्थापना करा सकते हैं।
योजना के अंतर्गत उपलब्ध ऋण सुविधाओं में अपेक्षाकृत कम ब्याज दर तथा सरल आवेदन प्रक्रिया का लाभ मिल सकता है।
इच्छुक उपभोक्ता प्रारंभिक आवेदन एवं मार्गदर्शन के लिए अपना आधार कार्ड, नवीनतम बिजली बिल तथा सक्रिय मोबाइल नंबर लेकर सोलर मेले में पहुंच सकते हैं।
नेट मीटरिंग के माध्यम से अतिरिक्त बिजली का भी मिलेगा लाभ
सोलर पैनल की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता नेट मीटरिंग की सुविधा है।
यदि किसी उपभोक्ता के घर में किसी माह बिजली की खपत कम होती है तथा सोलर पैनल से बिजली का उत्पादन घरेलू आवश्यकता से अधिक होता है, तो अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से विद्युत ग्रिड में भेजी जा सकती है।
इस अतिरिक्त बिजली का लेखा-जोखा उपभोक्ता के विद्युत कनेक्शन से संबंधित खाते में दर्ज किया जाता है। लागू नेट मीटरिंग एवं बिलिंग नियमों के अनुसार इसका समायोजन आगामी बिजली बिलों में किया जा सकता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि किसी माह सोलर पैनल से अधिक बिजली का उत्पादन हुआ और घरेलू खपत कम रही, तो अतिरिक्त निर्यातित बिजली का क्रेडिट उपभोक्ता के खाते में दर्ज हो सकता है। बाद के महीनों में अधिक बिजली की खपत होने पर नियमानुसार उक्त क्रेडिट का समायोजन किया जा सकता है।
इस प्रकार नेट मीटरिंग व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा का अधिकतम लाभ प्राप्त करने एवं ग्रिड से खरीदी जाने वाली बिजली पर होने वाले खर्च को कम करने में सहायता मिलती है।
एक ही छत के नीचे आवेदन से लेकर सोलर पैनल की स्थापना तक की जानकारी
तीन दिवसीय सोलर मेले में उपभोक्ताओं को योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
मेले में इच्छुक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अपने घर की छत के अनुसार सोलर पैनल की उपयुक्त क्षमता, अनुमानित लागत, उपलब्ध सब्सिडी, बैंक ऋण, तकनीकी आवश्यकताओं तथा नेट मीटरिंग के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के पंजीकृत वेंडर का चयन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल अधिष्ठापित करा सकें।
इस पहल से आमजनों को विभिन्न कार्यालयों एवं संस्थानों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी तथा आवेदन से लेकर सोलर पैनल की स्थापना तक की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।
स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
सौर ऊर्जा के उपयोग से न केवल घरेलू बिजली खर्च में कमी लाई जा सकती है, बल्कि स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है।
सोलर पैनल से बिजली उत्पादन के दौरान प्रत्यक्ष रूप से धुआं अथवा वायु प्रदूषण नहीं होता है। इसके उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती प्रदान करने में सहायता मिलती है।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना से जुड़ें तथा सौर ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से आर्थिक बचत के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित अरवल के निर्माण में सहभागी बनें।
जिला पदाधिकारी की जिलावासियों से अपील
जिला पदाधिकारी, अरवल श्रीमती अमृषा बैंस द्वारा जिले के सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे 12 से 14 अक्टूबर, 2026 तक इंडोर स्टेडियम, अरवल में आयोजित तीन दिवसीय सोलर मेला में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
उन्होंने आमजनों से आग्रह किया है कि वे अपने आधार कार्ड, बिजली बिल एवं मोबाइल नंबर के साथ मेले में आएं तथा उपलब्ध आवेदन, बैंक ऋण, सब्सिडी संबंधी मार्गदर्शन एवं वेंडर चयन की सुविधाओं का लाभ उठाएं।