पिछडे़पन के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक 11 सितंबर 2026
पिछड़ा वर्ग आयोग ने कासगंज में जनप्रतिनिधियों से ली पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी जानकारी।
पिछडे़पन के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पहलुओं का होगा समग्र अध्ययन- अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह
कासगंज, 11 सितंबर 2026 (सू0वि0) उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को रुद्राक्ष सभागार, कलेक्ट्रेट कासगंज में जिले में पिछड़ेपन की स्थिति के अध्ययन के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान अध्यक्ष/प्रशासक जिला पंचायत, संबंधित वर्तमान सदस्य जिला पंचायत, समस्त निर्वर्तमान ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक, संबंधित निर्वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा निर्वर्तमान ग्राम प्रधान/प्रशासक ने प्रतिभाग कर आयोग को महत्वपूर्ण सुझाव एवं जानकारियां उपलब्ध कराईं।
न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि मा0 सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण से संबंधित तथ्यों का गहन अध्ययन कर जनसुझावों एवं आपत्तियों के आधार पर सरकार को संस्तुतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ेपन के कारणों, स्थानीय निकायों में ओबीसी की भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिला कासगंज का भौगोलिक विवरण 1993.08 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या 14,36,719 है। जिले में 03 तहसीलें, 07 विकासखण्ड और 423 ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र पंचायतों की संख्या 07 तथा जिला पंचायत के अन्तर्गत 23 वार्ड आते हैं।
मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने बताया कि जिला पंचायत में पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों की संख्या 7,17,009 है, जो कुल जनसंख्या का 61.90 प्रतिशत है। जिले में 06 जिला पंचायत सदस्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति का आकलन प्रमाणिक तथ्यों एवं जनसहभागिता के आधार पर किया जाना आवश्यक है। आयोग प्राप्त सुझावों एवं सूचनाओं को संकलित कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से निष्पक्ष एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
बैठक में आयोग के सदस्य श्री बृजेश कुमार, श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया एवं श्री एसपी सिंह उपस्थित रहे। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप भी उपस्थित रहीं। जिलाधिकारी प्रणय सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह द्वारा मा0 अध्यक्ष एवं सदस्यगण का पुष्प एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण तथा सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। बैठक में संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजनीतिक पहलुओं का होगा समग्र अध्ययन- अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह
कासगंज, 11 सितंबर 2026 (सू0वि0) उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को रुद्राक्ष सभागार, कलेक्ट्रेट कासगंज में जिले में पिछड़ेपन की स्थिति के अध्ययन के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान अध्यक्ष/प्रशासक जिला पंचायत, संबंधित वर्तमान सदस्य जिला पंचायत, समस्त निर्वर्तमान ब्लॉक प्रमुख/प्रशासक, संबंधित निर्वर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा निर्वर्तमान ग्राम प्रधान/प्रशासक ने प्रतिभाग कर आयोग को महत्वपूर्ण सुझाव एवं जानकारियां उपलब्ध कराईं।
न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि मा0 सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण से संबंधित तथ्यों का गहन अध्ययन कर जनसुझावों एवं आपत्तियों के आधार पर सरकार को संस्तुतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ेपन के कारणों, स्थानीय निकायों में ओबीसी की भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिला कासगंज का भौगोलिक विवरण 1993.08 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या 14,36,719 है। जिले में 03 तहसीलें, 07 विकासखण्ड और 423 ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र पंचायतों की संख्या 07 तथा जिला पंचायत के अन्तर्गत 23 वार्ड आते हैं।
मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने बताया कि जिला पंचायत में पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों की संख्या 7,17,009 है, जो कुल जनसंख्या का 61.90 प्रतिशत है। जिले में 06 जिला पंचायत सदस्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति का आकलन प्रमाणिक तथ्यों एवं जनसहभागिता के आधार पर किया जाना आवश्यक है। आयोग प्राप्त सुझावों एवं सूचनाओं को संकलित कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से निष्पक्ष एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
बैठक में आयोग के सदस्य श्री बृजेश कुमार, श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा, डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया एवं श्री एसपी सिंह उपस्थित रहे। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप भी उपस्थित रहीं। जिलाधिकारी प्रणय सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह द्वारा मा0 अध्यक्ष एवं सदस्यगण का पुष्प एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण तथा सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। बैठक में संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
