फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24न्यूज) 09 सितंबर 2026 अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने के लिए पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे प्रभावी पैरवी अभियान के तहत फर्रुखाबाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दहेज हत्या के पुराने मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए 10-10 वर्ष के कारावास तथा 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला थाना शमसाबाद से संबंधित वर्ष 2008 का है। अभियुक्तों के विरुद्ध मु0अ0सं0 04/2008, वाद संख्या 198/2008, धारा 498ए/304बी भादवि एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना पूर्ण कर अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था।
मामले में अभियुक्त अजीत कुमार उर्फ टीटू, कश्मीर सिंह उर्फ लालेश तथा अवनीश कुमार उर्फ सुनील कुमार उर्फ गप्पे, निवासी धमगंवा थाना शमसाबाद, हाल पता नेकपुर कला, कोतवाली फतेहगढ़, के विरुद्ध अभियोजन पक्ष द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
फर्रुखाबाद पुलिस की मानीटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी और अथक प्रयास किए गए। पुलिस की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 09 सितंबर 2026 को मा0 न्यायालय एडीजे/एफटीसी प्रथम कोर्ट द्वारा तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध घोषित किया गया।
न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कारावास तथा 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस मामले में एडीजीसी श्रीमती दीपिका कटियार, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल सुनील कुमार तथा पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश कुमार की प्रभावी पैरवी में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस विभाग की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि गंभीर अपराधों में अभियुक्तों को न्यायालय से अधिकतम दंड दिलाने के लिए विवेचना और अभियोजन की पैरवी को प्रभावी बनाया जाए।
