फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 29 अगस्त 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को जनपद भ्रमण के दौरान विकासखंड राजेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय महोलिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ छात्र पंजीकरण, शिक्षकों की उपस्थिति, स्वच्छता व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, विद्यालय अनुशासन और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान छात्र पंजीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक उपस्थिति तथा विद्यालय अनुशासन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति और नामांकन पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ उनके शैक्षिक स्तर का नियमित मूल्यांकन करने को कहा। कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छता और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर जोर
डीएम ने विद्यालय परिसर और कक्षाओं में बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने और बच्चों के लिए सकारात्मक एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया।
खंड शिक्षा अधिकारी को नियमित निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल अपेक्षित सुधार कराया जाए। साथ ही विद्यालय का नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार के साथ शिक्षण कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर हो सके।
डीएम ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करते हुए शिक्षण कार्य की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और उनके शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
