मेलबर्न के हीरो अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा

भारत के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार (30 जुलाई) को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी खेलते नहीं दिखाई देंगे। पिछले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान थे। रहाणे ने साफ कहा कि वो क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया और संन्यास का एलान किया।

रहाणे को मेलबर्न का हीरो इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने 2020-21 ट्रॉफी के दौरान वहां ऐतिहासिक शतक लगाया था और आत्मविश्वास खो चुके भारतीय खिलाड़ियों में फिर से जोश भर दिया था। इसके बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में टेस्ट सीरीज में शिकस्त दी थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते हुए अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘कैप नंबर 278 अब यहीं तक। वर्षों तक मिले आपके प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।’

संन्यास का एलान करते हुए रहाणे ने कहा, ‘जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी होता है। जब वह समय आता है तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। बल्लेबाजी में मैंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया है और आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने के लिए यही सही समय है।’

बता दें की अजिंक्य रहाणे लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने गए। खासकर विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन हमेशा चर्चा में रहा। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 8,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। रहाणे 2015 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंची भारतीय टीम का हिस्सा रहे। वह 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे।

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