आजमगढ़ ब्यूरो। आजमगढ़ जनपद के ग्राम पंचायत कोयलसा ( वर्तमान में नगर पंचायत बूढनपुर) के पूर्व तीन बार निर्वाचित ग्राम प्रधान एवं सेवानिवृत्त प्राथमिक विद्यालय शिक्षक हाजी अब्दुल रशीद एक बार फिर से राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। बहुसंख्यक आबादी वाले क्षेत्र से तीन बार ग्राम प्रधान निर्वाचित होना उनके लंबे जनसंपर्क, सामाजिक सक्रियता और सर्वसमाज में स्वीकार्यता का उदाहरण माना जाता है। पूर्व प्रधान हाजी अब्दुल रशीद, जिन्हें क्षेत्र के लोग स्नेहपूर्वक “रशीद प्रधान” के नाम से जानते हैं, प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद ग्रामीणों के आग्रह पर उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वर्ष 1980 से 1985 तथा बाद में 2005 से 2015 तक ग्राम पंचायत कोयलसा, विकास खंड कोयलसा, तहसील बूढ़नपुर, जनपद आजमगढ़ के ग्राम प्रधान के रूप में अपनी सेवाएं दीं। ग्रामीणों का कहना है कि रशीद प्रधान ने अपने कार्यकाल में बिना किसी जाति या धर्म का भेदभाव किए सभी वर्गों के लोगों के साथ समान व्यवहार और सम्मान किया। यही कारण है कि वे अल्पसंख्यक समुदाय से होने के बावजूद भी बहुसंख्यक समाज में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार वे विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और हमेशा सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का प्रयास करते हैं। उनके सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती है। बच्चे हों या बुजुर्ग, हर आयु वर्ग के लोगों से वे आत्मीयता के साथ मिलते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उनका यही व्यवहार उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र संख्या 343 की राजनीति में बदलाव की इच्छा रखने वाले समर्थकों ने हाजी अब्दुल रशीद को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया है। उनके समर्थकों का दावा है कि बहुजन समाज पार्टी की स्थानीय एवं जिला इकाई ने उन्हें पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कराई है और टिकट को लेकर सकारात्मक आश्वासन मिलने की उम्मीद जताई है। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रत्याशी की घोषणा अभी होना शेष है।हाजी अब्दुल रशीद के समर्थकों में संजय कुमार (बाजिदपुर), राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय (एकड़गी), नसीम अहमद (कड़सरा), रामअवतार (बढ़या), अखण्ड प्रताप (मदियापार) सहित बड़ी संख्या में लोग सक्रिय बताए जाते हैं। समर्थकों का कहना है कि यदि उन्हें बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी बनाया जाता है तो वे अतरौलिया विधानसभा में मजबूत दावेदारी पेश करेंगे।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि हाजी अब्दुल रशीद को पार्टी का टिकट मिलता है तो अतरौलिया विधानसभा का चुनाव दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल क्षेत्र में उनके संभावित चुनाव लड़ने को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोगों की निगाहें बहुजन समाज पार्टी के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।
आजमगढ़:अतरौलिया विधानसभा सीट पर तीन बार प्रधान रहे हाजी अब्दुल रशीद को बसपा से चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा तेज
