फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 जुलाई 2026 जनपद में नशीली दवाओं एवं नारकोटिक्स पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD – नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन सेंटर) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम, प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा तथा जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, औषधि निरीक्षक, जिला कृषि अधिकारी, विशेष अधिवक्ता (एनडीपीएस), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, नारकोटिक्स सेल प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में नशीली दवाओं एवं नारकोटिक्स के प्रयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, समितियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने नारकोटिक्स से संबंधित दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस, अभियोजन एवं आबकारी विभाग को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करने तथा अभियोजन संबंधी प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वहीं शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाने, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने चिकित्सा विभाग एवं औषधि प्रशासन विभाग को सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आबकारी विभाग को जनपद की सभी भांग की दुकानों का सघन निरीक्षण कर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि युवाओं को नशीली दवाओं और नारकोटिक्स के दुष्प्रभावों से बचाना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों को नशीली दवाओं के प्रयोग के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।
