फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 जुलाई 2026 डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में बिचौलियों की सक्रियता, रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध वसूली तथा संचालन में अनियमितताओं की शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को तत्काल प्रभाव से मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध धनराशि वसूली, बिचौलियों की संलिप्तता या किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों का किसी भी स्तर पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तीन सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल
डीएम के निर्देश पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की जाएगी। समिति ब्लड बैंक प्रभारी, चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा आवश्यकता पड़ने पर मरीजों और तीमारदारों के बयान दर्ज करेगी। इसके साथ ही पिछले तीन माह के रक्तदाता पंजीकरण, रक्त निर्गमन, रिप्लेसमेंट डोनर, ब्लड स्टॉक और अन्य अभिलेखों का मिलान कर सत्यापन किया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज और बाहरी व्यक्तियों की होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने ब्लड बैंक परिसर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाहरी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा प्रवेश-निकास का उचित रिकॉर्ड रखने को कहा गया है।
सूचना पट्ट लगाकर किया जाएगा जागरूक
ब्लड बैंक के बाहर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएंगे, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को कोई धनराशि न दें। यदि कोई धन की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल अस्पताल प्रशासन या हेल्पलाइन पर करें।
निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने पर रहेगा विशेष जोर
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि मरीजों एवं उनके परिजनों को रक्त प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए तथा पात्र लाभार्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा ब्लड बैंक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से यह घोषणा-पत्र भी लिया जाएगा कि उनका किसी दलाल या अनधिकृत व्यक्ति से कोई प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
तीन दिन में मांगी गई रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि तीन दिनों के भीतर बिंदुवार जांच रिपोर्ट, दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा ब्लड बैंक व्यवस्था में किए गए सुधारों की फोटोग्राफ सहित अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या औपचारिक कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
