फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 जुलाई 2026 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना (JSY) में फर्रुखाबाद जनपद ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य विभाग की प्रभावी मॉनिटरिंग और डिजिटल भुगतान व्यवस्था का परिणाम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अनुसार 1 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच जनपद के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 4,462 संस्थागत प्रसव हुए। इनमें से 3,682 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान किया गया, जिससे 82.52 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित हुआ। खास बात यह है कि पिछले माह जनपद का भुगतान प्रतिशत केवल 19.36 प्रतिशत था और प्रदेश में उसकी 63वीं रैंक थी। बेहद कम समय में यह सुधार स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और सतत समीक्षा का परिणाम माना जा रहा है।
जननी सुरक्षा योजना क्या है?
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के तहत शुरू की गई थी। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना है। पात्र महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
सुरक्षित मातृत्व को मिला बढ़ावा
यह योजना संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रशिक्षित चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने तथा प्रसवोत्तर देखभाल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर भुगतान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से अधिक से अधिक महिलाएं सरकारी संस्थानों में प्रसव के लिए प्रेरित हो रही हैं।
नियमित मॉनिटरिंग और टीमवर्क बना सफलता की कुंजी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन तथा एसीएमओ (आरसीएच) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव के मार्गदर्शन में जननी सुरक्षा योजना के सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा की गई। बैंक खातों के सत्यापन, आधार सीडिंग, पोर्टल पर समयबद्ध डेटा अपलोड तथा तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के कारण भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल स्तर पर लंबित मामलों की दैनिक समीक्षा कर पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ दिलाया।
ब्लॉक स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन
कमालगंज, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज, शमसाबाद, राजेपुर और बढ़पुर सहित अधिकांश ब्लॉकों ने भुगतान प्रक्रिया में संतोषजनक प्रदर्शन किया। वहीं कायमगंज ब्लॉक में सबसे अधिक संस्थागत प्रसव होने के बावजूद अधिकांश पात्र महिलाओं को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा चुका है और शेष भुगतान प्रक्रिया जारी है।
आशा और स्वास्थ्य कर्मियों की अहम भूमिका
इस सफलता में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, स्टाफ नर्स, चिकित्सा अधिकारियों और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच, सुरक्षित संस्थागत प्रसव तथा आवश्यक दस्तावेजों का समय पर सत्यापन कर भुगतान प्रक्रिया को गति दी गई।
शत-प्रतिशत भुगतान का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करना जनपद के लिए गर्व की बात है, लेकिन विभाग का लक्ष्य केवल रैंक हासिल करना नहीं बल्कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक समयबद्ध लाभ पहुंचाना है। इसके लिए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, नियमित समीक्षा और जनजागरूकता अभियान जारी रहेंगे।
वहीं एसीएमओ (आरसीएच) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, पोर्टल पर प्रविष्टि और भुगतान प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
जनसहभागिता की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण कराएं, नियमित प्रसवपूर्व जांच कराएं तथा प्रसव केवल सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में ही कराएं, जिससे मां और नवजात दोनों सुरक्षित रहें और पात्र महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ समय पर मिल सके।
