। मिश्रित सीतापुर / शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आम जनता बिजली की समस्या से परेशान चल रही हैं । विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लोकल फाल्ट का बहाना बनाकर देहात क्षेत्र में बराबर अघोषित विद्युत कटौती भी कर रहे हैं । कस्बा मिश्रित के नगर पालिका परिषद में तैनात जिम्मेदार अधिकारी बिजली बचत पर कोई ध्यान नही दे रहे है । कस्बा मिश्रित में ब्लाक गेट , तहसील चौराहा , तहसील परिसर , सीताकुण्ड तीर्थ , नहर चौराहा , मेला मैदान आदि जगहों पर सांसद व बिधायक निधि से रात्रि में रोशनी करने हेतु लगवाई गई हाई मास्ट लाइटें दिन में भी बराबर जलती रहती है । जिससे हजारों यूनिट बिजली की बर्बादी हो रही है । जब कि इन हाईमास्ट लाइटों को दिन में बंद कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों की है । लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं । नगर में प्रति दिन कम से कम आधा सैकड़ा तक हाई लाइटें दिन भर जलती रहती हैं । जिम्मेदार अगर इन हाईमास्ट लाइटों को प्रति दिन समय पर बंद और चालू कराए । तो हजारों यूनिट बिजली की बचत हो सकती है । उससे आसपास के गांव रोशन हो सकते हैं । बिजली विभाग के कर्मचारियों की मानें तो कम से कम 90 से 100 वाट की बिजली एक हाई मास्ट लाइट पर खपत होती है । अगर दिन में भी जलती रहेगी तो एक यूनिट बिजली खर्च हो जाती है । ऐसे में आधा सैकड़ा हाईमास्ट लाइटें जलने से प्रति दिन कितनी बिजली ब्यर्थ हो रही है । सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है ।
सीतापुर: कस्बा मिश्रित में दिन भर जलती रहती हैं लाइटें , जिम्मेदार बने अंजान
