फर्रुखाबाद:मंधना-अनवरगंज एलिवेटेड ट्रैक निर्माण में लगेंगे 4 साल, इस दौरान फर्रुखाबाद नहीं आएगी कालिंदी एक्सप्रेस

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 जून 2026 पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) मनोज कुमार ने बताया कि कानपुर अनवरगंज-मंधना जंक्शन रेलखंड पर प्रस्तावित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग चार वर्ष का समय लग सकता है। इस दौरान 14117/14118 कालिंदी एक्सप्रेस का संचालन फर्रुखाबाद तक नहीं होगा।

बुधवार को एडीआरएम मनोज कुमार विशेष ट्रेन से मंधना जंक्शन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रस्तावित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना का निरीक्षण किया। इसके बाद वह फर्रुखाबाद जंक्शन स्टेशन पहुंचे और अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि फर्रुखाबाद जंक्शन पर लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास कार्य चल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि कार्यों को गति देने के लिए जल्द ही रेलवे ठेकेदारों के साथ बैठक की जाएगी और दिसंबर 2026 तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य है।

एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना के संबंध में एडीआरएम ने बताया कि कानपुर अनवरगंज और मंधना जंक्शन के बीच रेलवे ठेकेदारों द्वारा योजना तैयार की गई है, जिसे पूरा होने में लगभग चार वर्ष लग सकते हैं।

कालिंदी एक्सप्रेस के संचालन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निर्माण अवधि के दौरान यह ट्रेन टूंडला-शिकोहाबाद-कानपुर मार्ग से प्रयागराज तक संचालित की जाएगी और फर्रुखाबाद नहीं आएगी।

इस घोषणा के बाद पत्रकारों ने फर्रुखाबाद के यात्रियों की चिंता का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कालिंदी एक्सप्रेस पिछले करीब 40 वर्षों से फर्रुखाबाद और दिल्ली के बीच यात्रियों की प्रमुख ट्रेन रही है। इस पर एडीआरएम ने कहा कि फर्रुखाबाद और कन्नौज क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों के स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि फर्रुखाबाद से दिल्ली के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए स्टेशन पर पिट लाइन की आवश्यकता है। साथ ही प्लेटफॉर्म विस्तार की संभावनाओं पर भी रेलवे स्तर पर विचार किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान स्टेशन प्रबंधक, रेलवे के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा जीआरपी के जवान भी मौजूद रहे।

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