फर्रुखाबाद: गौशालाओं की समीक्षा में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम, कई अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 जून 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गो आश्रय स्थल जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, गोवंश संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन और संरचनात्मक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई स्थानों पर लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी गौशालाओं में आगामी वृक्षारोपण अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर कार्ययोजना तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। गौशाला कड़ियोली एवं मौधा में ऊसर भूमि के कारण पौधों के सूखने की जानकारी मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी को भूमि उपचार और तकनीकी सुधार के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान एनजीओ द्वारा संचालित गौ आश्रय स्थल सितवनपुर पिथू एवं सुल्तानपुर पलनापुर की व्यवस्थाएं संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दोनों गौ आश्रय स्थलों का संचालन तत्काल प्रभाव से संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र की प्रत्येक गौशाला का निरीक्षण करें और वहां पशुओं के स्वास्थ्य, चारे, पेयजल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

गौ आश्रय स्थल बसेली में निरीक्षण के दौरान अभिलेख उपलब्ध न मिलने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए। वहीं नेपुर खुर्द गौ आश्रय स्थल के संपर्क मार्ग की खराब स्थिति पर खंड विकास अधिकारी बढ़पुर को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।

भरतामऊ गौ आश्रय स्थल में विद्युत कनेक्शन न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दस दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बृहद गौ संरक्षण केंद्र पहाड़पुर में गोपालकों को छह माह से मानदेय न मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए दो दिनों के भीतर लंबित भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि गोवंश संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और गौ आश्रय स्थलों के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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