फर्रुखाबाद में 3000 स्ट्रीट डॉग्स गायब होने का मामला गरमाया, एडवोकेट ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 मई 2026 नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद द्वारा नसबंदी के लिए पकड़े गए स्ट्रीट डॉग्स को वापस उनके संबंधित मोहल्लों में न छोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में मंगलवार को अधिवक्ता आयुष सक्सेना ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि नगर पालिका द्वारा शहर के आवारा कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए टेंडर जारी किया गया था। योजना के तहत जिले के विभिन्न मोहल्लों से लगभग 3000 स्ट्रीट डॉग्स को पकड़कर नसबंदी के लिए भेजा गया। संबंधित फर्म द्वारा आश्वासन दिया गया था कि नसबंदी के बाद कुत्तों के स्वस्थ होने पर उन्हें उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।

लेकिन नसबंदी प्रक्रिया पूरी होने के करीब एक माह बाद भी अधिकांश कुत्तों को उनके क्षेत्रों में वापस नहीं छोड़ा गया। स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों द्वारा जानकारी करने पर यह भी पता चला कि जिस स्थान पर कुत्तों को रखा गया था, वहां अब वे मौजूद नहीं हैं। इससे लोगों में चिंता और आक्रोश बढ़ गया है।

अधिवक्ता आयुष सक्सेना ने जिलाधिकारी से मांग की कि संबंधित फर्म की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा सभी बेसहारा स्ट्रीट डॉग्स को उनके मूल क्षेत्रों में वापस पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पशु संरक्षण से ही नहीं बल्कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो यह बड़ा जनहित का मुद्दा बन सकता है।

ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता आयुष सक्सेना प्रमुख रूप से मौजूद रहे।