गोला गोकर्णनाथ : (द दस्तक 24 न्यूज) राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने लखीमपुर जिले की बजाज ग्रुप की चीनी मिलो के बकाया गन्ना भुगतान, यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी को लेकर जिलाधिकारी महोदय अंजनी कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि यूरिया खाद की कालाबाजारी को लेकर ग्रामीणों ने वीडियो और फोटो बना कर संगठन को अवगत कराया था। जिसका संज्ञान लेते हुए संगठन ने 2 मई को एसडीएम गोला को ज्ञापन और कोतवाली गोला को तहरीर दी थी जिसकी कार्यवाही ठंढे बस्ते में है एक सप्ताह बीत जाने के बाद ज्ञापन और तहरीर दिये जाने तक ही सीमित रह गई।
पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि जिले की बजाज ग्रुप की चीनी मिलें गोला गोकर्णनाथ, खम्भारखेड़ा व पलिया कला के इस गन्ना पेराई सत्र 2025-26 के लगभग साढ़े पांच माह से अधिक व्यतीत होने के बाद चीनी मिलों ने जिले के गन्ना अधिकारियों गन्ना समितियों की मिलीभगत के चलते किसानों के खरीदे गन्ने का भुगतान महज 24 से 25 दिन का ही किया है। एक तरफ चीनी मिलों के गन्ना खरीद के भुगतान में उत्तर प्रदेश गन्ना (आपूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 में गन्ना खरीद का त्वरित भुगतान किये जाने का प्रावधान है। शुगर केन कंट्रोल आर्डर 1966 के नियम 3 (ए) में गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर भुगतान किये जाने की व्यवस्था है लेट गन्ना भुगतान पर 15 फीसदी ब्याज देने का प्रावधान है किन्तु भुगतान मिलने में किसानों का बड़ा शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसान अपना गन्ना चीनी मिलों को सीधे बिक्री न कर सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से चीनी मिलों को आपूर्ति करने की व्यवस्थानुसार आपूर्ति करते हैं जिस पर सहकारी गन्ना विकास समितियां तीन रूपये प्रति कुंतल चीनी मिलों के भुगतान से सीजन में करोड़ों रूपए कमीशन प्राप्त करती हैं किंतु गन्ना समितियां सचिव एवं उसके संचालक मंडल और जिले पर बैठे गन्ना अधिकारी नहीं बोल पाते हैं। संचालक मंडल समिति बोर्ड की बैठकों के एजेंडे व उसके प्रस्ताव में सिर्फ खाओ पियो नीति के मुद्दों के अलावा गन्ना किसानों के हितों व गन्ना भुगतान में कुछ नहीं लिखा जाता है। गन्ना भुगतान की लड़ाई किसान संगठनों किसानों को चीनी मिलों से स्वयं लड़ना पड़ता है।
उन्होंने बताया चीनी मिल अधिकारियों ने जिले के गन्ना विभाग एवं राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर पिछले पेराई सत्र का समय पर भुगतान न किए जाने से चीनी मिलों को प्राप्त बल के कारण इस पेराई सत्र 2025-26 के बकाया गन्ना भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। चीनी मिलें किसानों का भुगतान रोककर अपने निजी खर्च में प्रयोग कर उत्तर प्रदेश गन्ना आपूर्ति खरीद विनियमन अधिनियम एवं शुगर केन कंट्रोल आर्डर का खुला उल्लंघन कर किसानों का शोषण कर उन्हें भीख मांगने व आत्महत्या को मजबूर कर रही हैं। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 21 मई तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया गया तो संगठन सत्याग्रह को बाध्य होगा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया ज्ञापन की प्रति उप गन्ना आयुक्त परिक्षेत्र लखनऊ, गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ, प्रमुख सचिव गन्ना विकास शासन लखनऊ, मा० योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ,को भी भेजी गई हैं।
लखीमपुर खीरी: राकिशसं ने बजाज ग्रुप की चीनी मिलों के बकाया गन्ना भुगतान और यूरिया खाद की कालाबाजारी को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
