फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 अप्रैल 2026 जनपद में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार तथा उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से बाजार हस्तक्षेप योजना के अंतर्गत आलू खरीद केन्द्र का शुभारंभ मण्डी समिति सातनपुर परिसर में किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक उद्यान विभाग उत्तर प्रदेश, लखनऊ श्री भानु प्रकाश राम रहे।इस योजना के अंतर्गत आलू उत्पादक किसानों से बाजार हस्तक्षेप मूल्य 650.09 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है, जबकि ओवरहेड खर्च 162.52 रुपये प्रति कुन्तल तय किया गया है। योजना के तहत क्षतिपूर्ति की अधिकतम सीमा कुल खरीद लागत का 25 प्रतिशत निर्धारित है, जिसका वहन केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 50:50 के अनुपात में किया जाएगा।जनपद में आलू की खरीद उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) के माध्यम से की जाएगी। किसानों को अपने आलू विक्रय के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अनुसार आलू का आकार 45 से 85 मिमी व्यास का होना चाहिए, वह साफ-सुथरा, बिना मिट्टी लगा तथा रोगमुक्त होना चाहिए। कटे-फटे, हरे, विकृत अथवा धूप से प्रभावित आलू स्वीकार नहीं किए जाएंगे।किसानों को अपने साथ किसान बही अथवा आलू उत्पादक होने का प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य बताया गया है, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सके।उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी श्री राघवेन्द्र सिंह, उद्यान निरीक्षक श्री पुष्पेन्द्र यादव, श्री श्याम सिंह, सहायक उद्यान निरीक्षक श्री अभिषेक कुमार, श्री अनुपम कुमार, वरिष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक श्री गिरीश शाक्य सहित मण्डी परिषद सातनपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मण्डी अध्यक्ष, सचिव, निरीक्षक, एक्सपोर्टर, अड़ाती तथा जनपद के प्रगतिशील आलू उत्पादक कृषक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।इस पहल से फर्रुखाबाद के आलू किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
फर्रुखाबाद में आलू खरीद केन्द्र का शुभारंभ, किसानों को मिलेगा बाजार हस्तक्षेप योजना का लाभ
