नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अप्रैल 2026 संसद परिसर स्थित प्रेरणा-स्थल पर महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के कई गणमान्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरणा-स्थल पर स्थापित महात्मा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित नेताओं ने उनके जीवन, विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि महात्मा फुले ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में महात्मा फुले के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष कर एक समतामूलक समाज की नींव रखने का कार्य किया। उनके प्रयासों से ही समाज के पिछड़े वर्गों को शिक्षा और अधिकारों की दिशा में नई राह मिली।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि महात्मा फुले द्वारा स्थापित शिक्षा और सामाजिक सुधार के सिद्धांत आज भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
