फर्रुखाबाद:टीबी रोगियों में बढ़ जाता है एड्स का खतरा – डॉ.रंजन गौतम

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 नवंबर 2025 राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. रंजन गौतम ने की। कार्यक्रम में ज्वाइंट डायरेक्टर रमेश चन्द्र, डीएसओ आगरा की रेनू वाला, नाको दिल्ली से तृप्ति जैन, डॉ. अनुनय कुटार, डीपीटीसी अमित कुमार तथा पीएसआई इंडिया से अनुपम मिश्र शामिल रहे।

टीबी रोगियों में एड्स का जोखिम अधिक – डॉ. गौतम

बैठक के दौरान डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि टीबी (क्षय रोग) और एचआईवी/एड्स का आपस में गहरा संबंध है। एचआईवी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है, जिससे टीबी जैसी अवसरवादी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि—“एचआईवी और टीबी का सह-संक्रमण (Co-infection) एक गंभीर और घातक स्थिति बन सकती है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में टीबी बहुत तेजी से फैलता है और अधिक खतरनाक रूप ले लेता है।”

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

डीटीओ ने आमजन को जागरूक करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को—दो सप्ताह से अधिक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना, खांसी के साथ बलगम या बलगम में खून आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अपनी आशा कार्यकर्ता को सूचित करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।

दवा बीच में न छोड़ने की सख्त हिदायत

डॉ. गौतम ने कहा कि टीबी का इलाज उपलब्ध और पूरी तरह निशुल्क है। लेकिन इसकी दवाएं बीच में छोड़ना बेहद खतरनाक है—“दवा अधूरी छोड़ने से टीबी और अधिक गंभीर हो सकती है तथा कभी-कभी जानलेवा स्थिति भी बन जाती है।”

स्वास्थ्य विभाग ने टीबी और एचआईवी से संबंधित सेवाओं की उपलब्धता, समय पर जांच और नियमित दवा सेवन को लेकर लोगों से जागरूक रहने की अपील की है।