फर्रुखाबाद:भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने एबीएसए राजेपुर और सीडीपीओ को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 अक्टूबर 2025 भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आज ब्लॉक कार्यालय राजेपुर में धरना प्रदर्शन करते हुए एबीएसए राजेपुर और सीडीपीओ के खिलाफ जमकर विरोध जताया। संगठन ने दोनों अधिकारियों को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो अधिकारियों को उनके कार्यालयों में नहीं बैठने दिया जाएगा।

दरअसल, ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर के किसानों ने शिकायत की थी कि ग्राम के प्राथमिक विद्यालय और जूनियर विद्यालय को जर्जर घोषित कर गिरा दिया गया है, जबकि विद्यालय की वास्तविक स्थिति की कोई सही जांच नहीं कराई गई थी। छात्रों को पास के ग्राम कटरी साथरा में मर्ज कर दिया गया, जिससे अभिभावकों और ग्रामवासियों में भारी रोष है।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया और पाया कि बिना मौके का मुआयना किए विद्यालय को गिराने का आदेश दिया गया था। उन्होंने कहा कि “अगर विद्यालय को जर्जर घोषित किया गया था, तो इसकी जांच किस इंजीनियर ने की, इसका प्रमाण तुरंत उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के शिक्षा अधिकार के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

इसी क्रम में कानपुर मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मी शंकर जोशी ने कहा कि “जिन अधिकारियों ने बिना देखे विद्यालय गिराने का आदेश दिया है, उनसे ही इसकी वसूली कर नया विद्यालय बनवाया जाए।”

अजय कटियार ने आगे कहा कि “ग्राम पंचायत की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री के खाते को प्रधान के खाते से नहीं जोड़ा गया है, जिससे बच्चों को मिलने वाला खाद्यान्न दो वर्षों से प्रभावित है। यह सीडीपीओ की गंभीर लापरवाही है और इसके लिए उन्हें तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता जीत बहादुर शुक्ला ने की और संचालन जिला प्रवक्ता गोपी शाक्य ने किया।

इस अवसर पर जिला प्रचार मंत्री राजेश गंगवार, युवा जिला अध्यक्ष कुलदीप अवस्थी, तहसील अध्यक्ष अमृतपुर अनीश सिंह सोनू सोमवंशी, ब्लॉक अध्यक्ष राजेपुर टिंकू यादव, ब्लॉक अध्यक्ष कमालगंज पवन जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष शमसाबाद सतीश कठेरिया, तहसील उपाध्यक्ष सदर अनुज राजपूत, अजीत सोमवंशी, संजय सिंह, राजू ठाकुर, रतिराम सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

भाकियू टिकैत ने साफ कहा है कि यदि 48 घंटे के अंदर विद्यालय पुनः चालू नहीं किया गया और सीडीपीओ पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।