फर्रुखाबाद:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जर्जर विद्यालय भवनों के मूल्यांकन व विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग को लेकर महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 अगस्त 2025 जिले में शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के जर्जर विद्यालय भवनों का मूल्यांकन, नये जर्जर भवनों की पहचान और विद्यालय परिसरों के ऊपर से गुजरने वाली विद्युत लाइनों की तत्काल शिफ्टिंग सुनिश्चित करना था।

जर्जर भवनों का मूल्यांकन व नीलामी के निर्देश

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में जो भी विद्यालय भवन पूर्व में जर्जर घोषित किए जा चुके हैं, उनका पुनः मूल्यांकन किया जाए तथा जल्द से जल्द उनकी नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे भवन जहां अभी तक कोई औपचारिक जर्जरता की घोषणा नहीं हुई है लेकिन वे भौतिक रूप से खतरनाक स्थिति में हैं, उन्हें नये सिरे से निरीक्षण कर सूचीबद्ध किया जाए और विधिवत जर्जर घोषित किया जाए।

विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता

बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण विषय विद्यालय परिसरों के ऊपर से गुजरने वाली उच्च व निम्न दाब की विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग रहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी विद्यालय जहां से विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से शिफ्टिंग की कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अधीक्षण अभियंता विद्युत, सभी अधिशासी अभियंता (विद्युत), लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्य योजना बनाएं और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

जिलाधिकारी ने जताई चिंता और प्रतिबद्धता

श्री द्विवेदी ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होते, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार होते हैं। यदि उनकी संरचना ही असुरक्षित होगी, तो बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा एवं समुचित शिक्षा वातावरण की जिम्मेदारी प्रशासन की है, और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा।

निष्कर्ष

फर्रुखाबाद प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल विद्यालय भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी मानसिक रूप से सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा। इससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा। प्रशासन की इस पहल को स्थानीय स्तर पर सराहना मिल रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।