फर्रुखाबाद में 18 करोड़ की लागत से बन रहा 50 बेड ट्रॉमा सेंटर, डीएम के औचक निरीक्षण में सामने आई गंभीर खामियां

 
फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 मई 2026 जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बेड ट्रॉमा सेंटर का जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपलब्ध व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया।निरीक्षण में कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं। ट्रॉमा सेंटर में अभी तक विद्युत कनेक्शन स्थापित नहीं किया गया है और न ही विद्युत सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्राप्त किया गया है। इसके अलावा अग्निशमन विभाग से भी NOC नहीं लिया गया है, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। लिफ्ट संचालन के लिए भी आवश्यक अनुमति हेतु अब तक आवेदन न किया जाना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।इन खामियों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई और सभी लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाली संस्था पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी इस परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।डीएम ने निर्देश दिए कि ट्रॉमा सेंटर की सभी खिड़कियों पर मजबूत जाली लगाई जाए और भवन के भीतर बिजली, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, प्रकाश व्यवस्था, ऑक्सीजन लाइन, वार्ड फिनिशिंग और शौचालयों सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं।इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण समय पर उपलब्ध हों और पूरी तरह क्रियाशील रहें। ट्रॉमा सेंटर के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने सभी अधूरे कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा कर ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से तैयार कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।उन्होंने भरोसा जताया कि ट्रॉमा सेंटर के जल्द शुरू होने से फर्रुखाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिल सकेंगी, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार में काफी सहूलियत होगी।निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।