फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 अप्रैल 2026 जनपद में लंबे समय से विवादित पड़ी बहुमूल्य भूमि को लेकर एक बड़ा और जनहितकारी निर्णय सामने आया है। गाटा संख्या-1625, कुल 25 एकड़ भूमि, जो पूर्व में जाकिर हुसैन ट्रस्ट को धर्मार्थ चिकित्सालय संचालन के लिए पट्टे पर दी गई थी, अब पुनः स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है। यह निर्णय पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त भूमि 01 अप्रैल 1995 को 30 वर्षों की अवधि के लिए जाकिर हुसैन ट्रस्ट को इस शर्त के साथ दी गई थी कि यहां धर्मार्थ चिकित्सालय का निर्माण एवं संचालन किया जाएगा। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि ट्रस्ट द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया और न ही तय समयावधि (01 अप्रैल 2025 तक) में अस्पताल का निर्माण कराया गया।
इस संबंध में जिलाधिकारी के निर्देश पर 13 जून 2025 को एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी कायमगंज शामिल थे। समिति ने 30 मई 2025 को स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि का उपयोग धर्मार्थ कार्यों के बजाय निजी लाभ के लिए किया जा रहा था, जो पट्टे की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है। इसके आधार पर समिति ने पट्टा निरस्त करने और भूमि को पुनः चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की संस्तुति की।
नियम-51 के अंतर्गत 19 फरवरी 2026 को जारी सूचना के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा भूमि पर पुनः कब्जा लेने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस फैसले से अब जनपद में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की राह प्रशस्त होगी।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि इस भूमि पर भविष्य में एक आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सालय स्थापित होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
यह कदम न केवल सरकारी संपत्तियों के संरक्षण की दिशा में एक उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासन जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रभावी निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
