फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 मई 2026 डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा कर उनके प्रभावी संचालन एवं अनुश्रवण को सुनिश्चित करना था। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग करते हुए पोषण संबंधी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा एवं एनआरएलएम), अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी एनआरसी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं मुख्य सेविकाएं उपस्थित रहीं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का सही तरीके से वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सैम (SAM) एवं मैम (MAM) श्रेणी के बच्चों का सही चिन्हांकन हो सके। उन्होंने कहा कि चिन्हित बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंधन एवं पोषण सुधार के लिए प्रभावी कार्यवाही कर उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया जाए।
माह जून 2026 में प्रस्तावित “संभव अभियान” की सफलता के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार करने तथा ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि पोषण ट्रैकर एप पर सैम एवं मैम बच्चों के वजन और लंबाई के गलत आंकड़े पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी मुख्य सेविकाओं को दैनिक एवं पाक्षिक डायरी प्रस्तुत करने तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी परियोजना अधिकारियों को विगत माह की निरीक्षण आख्या 19 मई 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ दिया जाए।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं मुख्य सेविकाओं को निर्देशित किया गया कि वे सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के घर-घर जाकर स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दें और जनजागरूकता फैलाएं।
खराब प्रगति वाले क्षेत्रों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि संतोषजनक कार्य न करने वाली मुख्य सेविकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इसी क्रम में मोहम्मदाबाद के बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं संबंधित मुख्य सेविका को भी खराब प्रगति के चलते नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
