पाकिस्तान क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है। आईसीसी ने शुक्रवार को उन्हें तीन महीने के लिए निलंबित करने का फैसला सुनाया। हालांकि, यदि नवाज आईसीसी द्वारा निर्धारित नशा मुक्ति कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो उनकी सजा घटकर एक महीने रह जाएगी।
32 वर्षीय नवाज का डोप टेस्ट सात फरवरी को टी20 विश्व कप में पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच खेले गए मैच के बाद लिया गया था। उस समय टूर्नामेंट की सह-मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे थे, लेकिन आईसीसी की व्यवस्था के तहत पाकिस्तान अपने मुकाबले श्रीलंका में खेल रहा था। डोप टेस्ट में उनके शरीर में कार्बॉक्सी-टीएचसी पाया गया। यह कैनाबिस (गांजा) के सेवन के बाद शरीर में बनने वाला एक निष्क्रिय मेटाबोलाइट है। इसका उपयोग खेल प्रदर्शन बढ़ाने के लिए नहीं माना जाता।
आईसीसी के अनुसार, मोहम्मद नवाज ने नियम उल्लंघन स्वीकार कर लिया और यह भी साबित किया कि उन्होंने इस पदार्थ का सेवन प्रतियोगिता से बाहर और खेल प्रदर्शन बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं किया था। इसी वजह से उन्हें आईसीसी के ‘दुरुपयोग किए जाने वाले पदार्थ’ प्रावधान के तहत राहत मिली। इस नियम के अनुसार, यदि खिलाड़ी पुनर्वास कार्यक्रम पूरा करने के लिए सहमत हो जाए, तो निलंबन की अवधि कम की जा सकती है।
