एकदिवसीय जिला सम्मेलन सम्पन्न
द दस्तक 24 प्रतिनिधि उपेन्द्र पथिक द्वारा
बोकारो (झारखंड) , 11 अक्टूबर ।
कुशवाहा महासभा, बोकारो जिला का एक दिवसीय जिला सम्मेलन रविवार को सेक्टर-4सी स्थित मंगलम बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत महासभा की नई जिला कमिटी का चुनाव संपन्न हुआ। इसमें राजू रंजन को जिला अध्यक्ष तथा लालजी महतो को जिला महासचिव चुना गया।
सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व मंत्री अकलु राम महतो के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में झारखंड कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो, चुनाव पर्यवेक्षक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र वर्मा, प्राचार्य अयोध्या कुमार, अजय कुशवाहा, बालेश्वर प्रसाद तथा सुनील कुमार महतो उपस्थित रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो ने कहा कि सामाजिक सुधार और राजनीतिक चेतना के माध्यम से ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, जागरूकता, आपसी एकता और संगठित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने समाज के लोगों से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा युवाओं को शिक्षा एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
चुनाव पर्यवेक्षक सह महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रविन्द्र वर्मा ने कहा कि नई जिला कमिटी से समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपेक्षा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी समाज के लोगों को एकजुट करते हुए सामाजिक विकास, संगठन की मजबूती तथा राजनीतिक चेतना के विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
सम्मेलन को प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख संजय शान, कुशवाहा पंचायत परिषद् के केन्द्रीय अध्यक्ष भीम चंद्र महतो, कुशवाहा समाज के अध्यक्ष कुंवर सिंह कुशवाहा, अधिवक्ता अशोक कुमार, एपी वर्मा, विजय कुमार, गोपालचंद्र महतो, मृत्युंजय मेहता, अर्जुन महतो, धनश्याम महतो, परशुराम सिंह, महेंद्र प्रसाद सिंह, ललीत महतो, गंगाधर महतो, लालजी सिंह, अवधेश कुमार सिंह, चौहान महतो आदि लोगों ने महत्वपूर्ण विचार रखा।
नई समिति में अध्यक्ष राजु रंजन, महासचिव लालजी महतो, कोषाध्यक्ष शिव कुमार शिबु सहित अशोक कुमार, रंजीत कुमार, मनीष कुमार, संतोष कुशवाहा, सरोज कुमार आदि लोग पदाधिकारी चुने गए।
वहीं जिला के ठाकुर देव महतो, वंशीधर महतो, भरत महतो, विनोद कश्यप, सरदयाल महतो, रतिलाल महतो, फनीभुषण महतो, काशीनाथ महतो आदि लोगों को संरक्षक के रूप में दायित्व दिया गया।