दिनांक 11 अक्टूबर 2026, दिन रविवार को, सम्राट अशोक भवन, हिसामपुर, लखनपुर, जौनपुर में सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजिन किया गया!
कार्यक्रम का आयोजन प्रियदर्शी अशोक चैरिटेबल ट्रस्ट जौनपुर,और प्रियदर्शी अशोक मिशन जौनपुर द्वारा आयोजित किया गया!कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रियदर्शी अशोक मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मौर्य ने कहा कि सम्राट अशोक ने 2300 साल पहले जब कलिंग के रक्तपात को देखा, तो उन्होंने तलवार छोड़ दी और धम्म को अपनाया। उन्होंने अपने शिलालेखों पर लिखवाया - "सब प्राणी मेरे बच्चे हैं।" "सर्व धर्म समभाव।"आज जब UNO शांति की बात करता है, तो वह अशोक के शिलालेखों की ही नकल लगता है। अशोक ने कहा था - अस्पताल बनवाओ, सड़क पर पेड़ लगवाओ, सबका सम्मान करो। आज उसी को हम वेलफेयर स्टेट कहते हैं।
ताकतवर ही शांति की बात कर सकता है। अशोक चक्रवर्ती सम्राट थे, इसलिए उनकी शांति की बात पूरी दुनिया ने सुनी। आज हमारे समाज को भी उसी ताकत की जरूरत है - ज्ञान की ताकत, संगठन की ताकत, और आर्थिक ताकत।
सम्राट अशोक ने धम्म दिया, बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर ने संविधान दिया। दोनों का लक्ष्य एक ही है - समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय।सम्राट अशोक का धम्मराज ही बाबा साहेब का संविधान राज है। फर्क सिर्फ इतना है कि अशोक ने उसे शिलालेखों पर लिखवाया और अम्बेडकर जी ने उसे किताब मे!पश्चिमी देश - अमेरिका, चीन, जापान, रूस - अगले 20 साल की प्लानिंग करते हैं। हम क्या करते हैं? सतयुग कैसा था, रामराज कैसा था।
पुरानी बातों को याद करने से रोटी नहीं मिलेगी। इतिहास को पढ़ो, पर इतिहास में मत जियो। भविष्य में जियो।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संजय मौर्य ने आगे कहा कि यह सामाजिक समरसता कार्यक्रम भी भविष्य की प्लानिंग है। यह कार्यक्रम हमें सिखाएगा कि कैसे हम -
एकता बनाएं, बिखरे हुए समाज को जोड़ें सद्भाव लाएं, नफरत को प्रेम से जीतें,सहयोग करें,एक-दूसरे के व्यवसाय, शिक्षा में मदद करें!
जो कौम आगे की सोचती है, वही तरक्की करती है।क्योंकि बुद्ध ने कहा है - भूख सबसे बड़ा रोग है। अशोक ने जगह-जगह धर्मशाला और भोजनशाला बनवाई। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सायं 7 बजे से भोजन दान का आयोजन है। यह सिर्फ भोजन नहीं, यह समता का संदेश है - कि हम सब एक थाली में बैठकर खाएंगे, ऊंच-नीच भूल जाएंगे!
ताकत से ही शांति आती है। राष्ट्रकवि दिनकर ने कहा है -
क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो।कार्यक्रम कि अध्य्क्षता एडवोकेट राधेश्याम मौर्य और संचालन दूधनाथ मौर्य जी ने किया!कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, डॉ सुलोचना मौर्य, गप्पू मौर्य, कमलाकांत मौर्य, परमानन्द मौर्य, पत्रकार पंकज मौर्य, देवेंद्र मौर्य, सुजीत मौर्य के साथ साथ अनेक लोग उपस्थित थे!