फर्रुखाबाद (द दस्तक 24):
फर्रुखाबाद (द दस्तक 24): उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के अनुपालन में अपराधियों को त्वरित व कठोर न्याय दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत फतेहगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना मेरापुर से जुड़े वर्ष 2007 के एक सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की ठोस विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते कोर्ट ने दोनों दोषियों बब्लू उर्फ अनिल व बब्लू को उम्रकैद को आजीवन कारावास तथा थाना मेरापुर से जुड़े वर्ष 2007 के एक आर्म्स एक्ट मामले में बब्लू को दोषसिद्ध कर अतिरिक्त 03 वर्ष के कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
अभियुक्तगण
1. बब्लू उर्फ अनिल पुत्र पातीराम एवं 2. बब्लू पुत्र वेदपाल (निवासीगण: दुल्लामई, थाना मेरापुर, जनपद फतेहगढ़) के विरुद्ध थाना मेरापुर पर मु०अ०सं० 24/2007 (वाद संख्या 430/2007) धारा 302/34 भादवि के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत हुआ था। पुलिस टीम द्वारा निष्पक्ष विवेचना पूरी करते हुए माननीय न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया था।
व अभियुक्त बब्लू पुत्र वेदपाल (निवासी: दुल्लामई, थाना मेरापुर, जनपद फतेहगढ़) के विरुद्ध थाना मेरापुर पर मु०अ०सं० 28/2007 (वाद संख्या 459/2007) धारा 25 भादवि आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत हुआ था।
पुलिस टीम द्वारा निष्पक्ष विवेचना पूरी करते हुए माननीय न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया था।
कोर्ट का फैसला और सजा:
फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष तथा कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा किए गए अथक प्रयासों व न्यायालय में प्रभावी पैरवी के आधार पर,
1- माननीय न्यायालय एडीजे-01 कोर्ट द्वारा दिनांक 05.11.2026 को दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास तथा 30,000/- 30,000/- रुपये के से दंडित किया है।
2- व माननीय न्यायालय एडीजे-01 कोर्ट द्वारा दिनांक 05.11.2026 को ही आर्म्स एक्ट के अभियुक्त बब्लू को दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने उसे 03 वर्ष अतिरिक्त कारावास तथा 10,000/- रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सराहनीय पुलिस व अभियोजन टीम:
मामले में प्रभावी पैरवी कर सजा दिलाने में निम्नलिखित अधिकारियों व कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रही:
- एडीजीसी: श्री हरिनाथ सिंह एवं श्री संजीव कुमार पाल
- कोर्ट मोहर्रिर: हे०का० अजय कुमार
- पैरोकार: हे०का० श्याम जी