फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 अगस्त 2026 जनपद में गंगा और रामगंगा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते बाढ़ का असर लगातार बना हुआ है। प्रशासन की ओर से जारी बाढ़ एवं राहत कार्यों की सूचना के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर सोमवार को 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर 134.00 मीटर रहा। बाढ़ के कारण जनपद के तीनों तहसील क्षेत्रों में कुल 62 गांवों की 48,032 आबादी और 12,494 परिवार प्रभावित हुए हैं।
62 गांव बाढ़ से प्रभावित
प्रशासन के अनुसार तहसील सदर के 12, कायमगंज के 20 और अमृतपुर तहसील के 30 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें सदर तहसील के कटरी धरमपुर, कटरी भीमपुर, कटरी शिकारपुर, कायमगंज तहसील के समाचीपुर चितार, कमथरी, सैदपुर पिस्तौर तथा अमृतपुर तहसील के करनपुर, कोड़री सारंगपुर, आसमपुर और चाचूपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।
सदर तहसील में 16,915, कायमगंज में 9,957 और अमृतपुर में 21,160 लोगों के प्रभावित होने की सूचना है।
24 बाढ़ शरणालय स्थापित
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जनपद में मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें चार शरणालयों—मंडी समिति शमसाबाद, सहकारी समिति मंडी अर्रापहाड़पुर, रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज तथा रामनिवास डिग्री कॉलेज चित्रकोट राजेपुर—का उपयोग किया जा रहा है।
इन शरणालयों में अब तक 661 लोग प्रवास कर चुके हैं, जिन्हें प्रशासन की ओर से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं।
67 नाव और 18 मोटर बोट तैनात
आवागमन तथा खोज एवं बचाव कार्य के लिए सदर तहसील में 19 नाव और छह मोटर बोट, कायमगंज में 20 नाव और पांच मोटर बोट तथा अमृतपुर में 28 नाव और सात मोटर बोट लगाई गई हैं। इस प्रकार पूरे जनपद में 67 नाव और 18 मोटर बोट राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं।
राहत एवं बचाव के लिए एक एनडीआरएफ टीम और एक कंपनी फ्लड पीएसी मोटर बोट एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।
210 मेडिकल कैंप, करीब 12 हजार लोगों का उपचार
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। अब तक 210 मेडिकल कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें 11,973 लोगों का उपचार किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में 12,462 ओआरएस पैकेट और 14,794 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।
प्रशासन के अनुसार मेडिकल कैंप आवश्यकता के अनुसार लगातार लगाए जा रहे हैं। जनपद में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी भी उपलब्ध है।
पशुओं के लिए भी राहत इंतजाम
बाढ़ प्रभावित गांवों में 69 पशु शिविर लगाए गए हैं। इनमें अब तक 4,772 पशुओं का उपचार और 12,676 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशु राहत शिविरों में रह रहे पशुओं के लिए 173.58 कुंतल भूसा वितरित किया गया है।
10,900 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट
बाढ़ प्रभावित 10,900 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 25.20 लाख रुपये वितरित
बाढ़ से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों वाले 21 परिवारों को कुल 25.20 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इसके साथ ही 25 प्रभावित परिवारों को 80 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन/पट्टा किया जा चुका है।
बाढ़ शरणालयों में बच्चों की पढ़ाई जारी
प्रशासन ने बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता दी है। शरणालयों में बच्चों के लिए नियमित कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, ताकि बाढ़ की स्थिति के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रभावित लोगों को आवश्यकतानुसार भोजन, चिकित्सा, आवागमन तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
