लखनऊ:यूपी के 78 हजार से अधिक कोटेदारों को बड़ी सौगात, लाभांश बढ़कर 125 रुपये प्रति कुंतल; अब ‘अन्नपूर्णा केन्द्र संचालक’ की नई पहचान

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में बढ़ोतरी करते हुए इसे 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को लाभ मिलेगा।

सरकार के इस निर्णय को राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े विक्रेताओं के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से उचित दर विक्रेता अपने लाभांश में बढ़ोतरी की मांग करते रहे हैं। लाभांश बढ़ाए जाने से उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

कोटेदारों को मिलेगी नई पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार ने उचित दर विक्रेताओं को नई पहचान देने की दिशा में भी पहल की है। अब कोटेदारों को ‘अन्नपूर्णा केन्द्र संचालक’ के नाम से संबोधित किए जाने की पहल की जा रही है।

सरकार का उद्देश्य केवल नाम में बदलाव करना नहीं, बल्कि राशन वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन संचालकों को सम्मान और नई पहचान देना है। अन्नपूर्णा केन्द्र संचालक हर महीने लाखों जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उचित मूल्य की दुकानें बनेंगी ‘अन्नपूर्णा भवन’

उचित मूल्य की दुकानों को भी नई पहचान देने की दिशा में ‘अन्नपूर्णा भवन’ विकसित करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में उचित मूल्य की दुकानों को अधिक व्यवस्थित और बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

इस वर्ष 500 करोड़ रुपये का प्रावधान अन्नपूर्णा भवनों के विकास के लिए किए जाने की बात कही गई है। इन केंद्रों पर केवल राशन वितरण ही नहीं, बल्कि अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी सुव्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

राशन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की कवायद

अन्नपूर्णा भवन की अवधारणा के जरिए उचित मूल्य की दुकानों को बेहतर स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

सरकार के अनुसार, लाभांश में बढ़ोतरी और नई पहचान से उचित दर विक्रेताओं का सम्मान बढ़ेगा तथा उन्हें बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

अन्नपूर्णा केन्द्र संचालक—सेवा, सम्मान और जिम्मेदारी की नई पहचान।

अन्नपूर्णा भवन—राशन व्यवस्था में बदलाव और नई शुरुआत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।

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