बिहार CM सम्राट चौधरी के कैबिनेट में आधे मंत्री दागी

बिहार मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद शामिल किए गए लगभग आधे मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने का खुलासा किया है,जबकि 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं. ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर)और ‘बिहार इलेक्शन वॉच’ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. रिपोर्ट में बिहार मंत्रिमंडल में सात मई को हुए फेरबदल के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित 35 में से 31 मंत्रियों के स्व-घोषित शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया.

ये शपथ पत्र बिहार में 2025 में होने वाले विधानसभा और विधान परिषद चुनावों से पहले जमा किए गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, जिन मंत्रियों के शपथपत्र का विश्लेषण किया गया उनमें 15 मंत्री यानी 48 प्रतिशत ने अपने नाम पर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात स्वीकार की है. इनमें से नौ मंत्री (29 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं.

एडीआर के मुताबिक, दो मंत्रियों (जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के अशोक चौधरी और भाजपा के प्रमोद कुमार) को शपथ पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वे विधान परिषद के मनोनीत सदस्य थे. आरएलएम के दीपक प्रकाश और जदयू के निशांत कुमार का विवरण भी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वे वर्तमान में बिहार विधानसभा के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.