फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 जुलाई 2026 जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती अति कुपोषित बच्चों को तब तक डिस्चार्ज न किया जाए, जब तक उनका हीमोग्लोबिन स्तर 11 से अधिक न हो जाए।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति एवं संभव अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और विभिन्न पोषण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लोहिया अस्पताल के एनआरसी में भर्ती सभी अति कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात चिकित्सा अधीक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त जनपद का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। अति कुपोषित एवं कुपोषित बच्चों की नियमित पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और पोषण सेवाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने और जन-जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
संभव अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और पात्र लाभार्थियों तक समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति, चिन्हित बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सेवाएं, टीकाकरण, पोषण ट्रैकर, वजन एवं लंबाई मापन, अनुपूरक पोषाहार वितरण तथा स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास परियोजना के बीच समन्वय की भी समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशील कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
