फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 जुलाई 2026 जनपद के बहुप्रतीक्षित फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जुलाई महीने में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रख सकते हैं। हालांकि, शिलान्यास की आधिकारिक तिथि और कार्यक्रम की अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
करीब 92 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का उद्देश्य आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ना है। इसके निर्माण से फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी और इटावा सहित पूरे मध्य गंगा क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
दिल्ली, लखनऊ और प्रयागराज की यात्रा होगी आसान
एक्सप्रेसवे बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। इससे परिवहन लागत कम होने के साथ व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलने की संभावना है।
खिमसेपुर में हो सकता है शिलान्यास कार्यक्रम
सूत्रों के मुताबिक, शिलान्यास समारोह भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के खिमसेपुर में आयोजित किया जा सकता है। प्रशासन और संबंधित विभाग संभावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में होगा विकास
राज्य सरकार की योजना खिमसेपुर और आसपास के क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की है। यहां एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क तथा कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं हैं। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
परियोजना के पूरा होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने जिले और आसपास ही रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विकास उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। वहीं, प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के प्रयासों में जुटे बताए जा रहे हैं।
नोट: यह जानकारी उपलब्ध सूत्रों और प्रारंभिक प्रशासनिक तैयारियों पर आधारित है। शिलान्यास की तिथि, स्थान और कार्यक्रम की अंतिम पुष्टि शासन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जाएगी।
