फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति बरकरार, 36 गांवों के 27,267 लोग प्रभावित; राहत-बचाव कार्य जारी

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 अगस्त 2026 जनपद में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। 8 अगस्त को गंगा नदी का जलस्तर 136.85 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। हालांकि यह अभी खतरे के निशान 137.10 मीटर से नीचे है। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर बिलो गेज दर्ज किया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार गंगा नदी के जलस्तर से जनपद की तीनों तहसीलों के कुल 36 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें तहसील सदर के 9, कायमगंज के 13 और अमृतपुर के 14 गांव शामिल हैं। बाढ़ से इन गांवों की कुल 27,267 आबादी और 5,725 परिवार प्रभावित हुए हैं।

अमृतपुर तहसील में सबसे अधिक आबादी प्रभावित

बाढ़ से तहसील सदर के प्रभावित गांवों में 4,015, कायमगंज में 4,487 और अमृतपुर तहसील में 18,765 लोग प्रभावित हुए हैं। परिवारों की बात करें तो सदर में 461, कायमगंज में 1,203 और अमृतपुर में 4,061 परिवार प्रभावित हैं।

24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित

प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें तीन शरणालयों—मंडी समिति शमसाबाद, रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज तथा रामनिवास डिग्री कॉलेज चित्रकोट राजेपुर—का उपयोग किया जा रहा है। इन शरणालयों में अब तक 423 लोगों ने प्रवास किया, जिन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया।

इसके साथ ही निगरानी और राहत कार्यों के लिए जनपद में 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं, जहां कार्मिकों की तैनाती की गई है।

52 नाव और 10 मोटर बोट राहत कार्य में तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा खोज एवं बचाव कार्य के लिए कुल 52 नावें और 10 मोटर बोट लगाई गई हैं। तहसील सदर के 9 गांवों में 18 नाव और 2 मोटर बोट, कायमगंज के 13 गांवों में 17 नाव और 4 मोटर बोट तथा अमृतपुर के 14 गांवों में 16 नाव और 4 मोटर बोट तैनात हैं।

राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की एक टीम और फ्लड पीएसी की एक कंपनी मोटर बोट एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा जनपद में 53 स्वयंसेवी गोताखोर उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।

105 मेडिकल कैंप में 4,509 लोगों का उपचार

बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। अब तक 105 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें 4,509 लोगों का उपचार किया जा चुका है। प्रभावित लोगों को 1,939 ओआरएस पैकेट और 4,865 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। जरूरत के अनुसार मेडिकल कैंप लगातार लगाए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार जनपद में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, ताकि सर्पदंश और अन्य आपात स्थितियों में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए 40 पशु शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 1,780 पशुओं का उपचार और 6,059 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशु राहत शिविरों में रह रहे पशुओं के लिए अब तक 2,500 कुंतल चारा (भूसा) वितरित किया जा चुका है।

3,223 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित

बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य भी जारी है। अब तक 3,223 प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। राहत शिविरों, नावों, मेडिकल टीमों, बचाव दलों और बाढ़ चौकियों के माध्यम से प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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