फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 अगस्त 2026 नेकपुर स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत से हड़कंप मच गया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार राकेश शंखवार ने अपनी पत्नी रोशनी तिवारी को प्रसव पीड़ा होने पर 19 अगस्त को नेकपुर स्थित मेडिसस अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में रोशनी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान रक्तस्राव नहीं रुक सका और रोशनी की मौत हो गई। मृतका की बहन चांदनी देवी और ननद आंचल सिंह ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हालत गंभीर होने के बावजूद उचित उपचार नहीं मिल सका। परिजनों के मुताबिक, मौत के बाद उन्हें रोशनी को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए कहा गया।
इसके बाद परिजन रोशनी को फर्रुखाबाद के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवाते हुए पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सूचना दी गई।
बताया गया कि रोशनी तिवारी की शादी 2 जून 2025 को राकेश शंखवार के साथ हुई थी। घटना के बाद पति राकेश सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूता की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं।
