फर्रुखाबाद: पांडेश्वर नाथ मंदिर में अव्यवस्थाओं पर भड़का विश्व हिंदू महासंघ, बंद कमरों और गंदगी को लेकर उठे सवाल, छात्रों को मिली राहत

 
फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 अप्रैल 2026 प्राचीन श्री पांडेश्वर नाथ महाराज मंदिर परिसर में फैली अव्यवस्थाओं, बंद कमरों और गंदगी को लेकर रविवार को विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में संगठन के लोग मंदिर पहुंचे, जहां हालात देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि मंदिर परिसर के कई कमरों पर ताले लगे हुए हैं और चारों ओर गंदगी फैली हुई है। इस पर पदाधिकारियों ने सवाल उठाते हुए इसे श्रद्धालुओं और आमजन की सुविधा के खिलाफ बताया। बैठक के दौरान कमरों पर कथित कब्जे और शुल्क वसूली (251 रुपए) को लेकर भी आपत्ति जताई गई।इस संबंध में मंदिर कमेटी के मंत्री अनिल त्रिपाठी से फोन पर बातचीत की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने अपनी अनुपस्थिति का कारण गाजियाबाद में पारिवारिक कार्यक्रम बताया। वहीं कमेटी के अन्य पदाधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचे। मनीष दीक्षित ने फोन पर अस्वस्थता जताते हुए दो दिन में बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया।छात्र-छात्राओं को मिली राहतनिरीक्षण के दौरान सत्संग भवन में ताला लगा होने के कारण परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं और उनके परिजन भीषण गर्मी में बाहर बैठे मिले। इस स्थिति को देखकर महासंघ के पदाधिकारी आक्रोशित हो गए। उनकी आपत्ति के बाद तत्काल ताला खुलवाया गया, जिससे लोगों को राहत मिली।अन्य संगठनों ने भी उठाए सवालअखिल भारत हिंदू महासभा के विमलेश मिश्रा ने भी मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई के लिए नियुक्त कर्मचारी अपना कार्य नहीं कर रहे हैं और परिसर में कब्जा जमाए हुए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को हटाने की मांग की।व्यवस्था सुधार पर जोरविश्व हिंदू महासंघ के संरक्षक एवं भजन सम्राट आनंद प्रकाश गुप्ता ‘मुन्ना’ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि मंदिर की व्यवस्था को सुधारना है। उन्होंने कहा कि मंदिर को राजनीति का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा और यहां साफ-सफाई व धार्मिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।निष्कर्षमंदिर परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर उठी यह आवाज अब बड़ा मुद्दा बनती नजर आ रही है। आगामी बैठक में मंदिर कमेटी क्या कदम उठाती है, इस पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजरें टिकी हैं।