फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 सितम्बर 2026 उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प के तहत अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य ने बाल श्रम एवं बाल विवाह उन्मूलन को लेकर जागरूकता अपील जारी की। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान दुकानों और कारखानों में नहीं, बल्कि स्कूल और खेल के मैदान में होना चाहिए। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त श्रीमती नम्रता सिंह तथा चाइल्ड राइट्स एसोसिएट जीशान अंसारी (एवीए/नीति आयोग) ने विधायक से मुलाकात कर बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों और संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
बच्चों को मजदूरी नहीं, शिक्षा दिलाने की अपील
विधायक सुशील कुमार शाक्य ने वीडियो संदेश के माध्यम से क्षेत्रवासियों, व्यापारियों, अभिभावकों एवं संबंधित विभागों से बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
उन्होंने दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे बच्चों की जगह वयस्कों को रोजगार दें। वहीं अभिभावकों से कहा कि बच्चों को मजदूरी पर भेजने के बजाय उन्हें विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
कम उम्र में विवाह रोकना हम सभी की जिम्मेदारी
विधायक ने बाल विवाह के संबंध में जागरूक करते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बच्चों का कम उम्र में विवाह नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “हर बच्चा पढ़ेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा।” बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना और देश के युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सक्षम बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप बच्चों का बचपन सुरक्षित रहे और युवा देश व प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें।
बाल श्रम की सूचना इन माध्यमों से दें
सहायक श्रमायुक्त श्रीमती नम्रता सिंह ने बताया कि किसी प्रतिष्ठान पर बाल श्रमिक दिखाई देने पर इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1098, 1800-102-722 अथवा पेंसिल पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है।
चाइल्ड राइट्स एसोसिएट जीशान अंसारी ने बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। चर्चा के दौरान बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया है।
विधायक की अपील का मुख्य संदेश यही रहा कि बच्चों से उनका बचपन और शिक्षा का अधिकार न छीना जाए। बाल श्रम और बाल विवाह को समाप्त कर ही बच्चों का सुरक्षित भविष्य और देश का मजबूत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
