फर्रुखाबाद: आधुनिक भारत के निर्माता डॉ. अंबेडकर: समता और न्याय के प्रतीक

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 अप्रैल 2026 भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस विशेष अवसर पर अध्यापक विकास शाक्य ने एक विचारोत्तेजक आर्टिकल प्रस्तुत करते हुए बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और उनके महान योगदान पर प्रकाश डाला।

उन्होंने अपने लेख में कहा कि बाबा साहब का जीवन केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की स्थापना का प्रेरणास्रोत है। विपरीत परिस्थितियों में जन्म लेकर उन्होंने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और ज्ञान के बल पर न केवल उच्च शिक्षा प्राप्त की, बल्कि समाज के वंचित और शोषित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

विकास शाक्य ने बताया कि बाबा साहब एक महान अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और समाज सुधारक थे, जिन्होंने भारत को एक सशक्त और समावेशी संविधान प्रदान किया। उनके द्वारा निर्मित संविधान ने देश के हर वर्ग—दलितों, महिलाओं और मजदूरों—को समान अधिकार और सुरक्षा दी, जिससे भारत एक लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ।

उन्होंने आगे कहा कि आज हम जिस स्वतंत्रता, समानता और अधिकारों का लाभ उठा रहे हैं, वह बाबा साहब की दूरदर्शिता और कठोर परिश्रम का परिणाम है। उनका प्रसिद्ध संदेश—”जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए”—आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके बताए ‘समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व’ के मार्ग पर चलकर एक भेदभाव मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।