फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 जून 2026 जनगणना प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग से आंकड़े दर्ज किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा (आरपीवीएम) ने विरोध जताया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर जनगणना प्रक्रिया में सुधार की मांग की।
ज्ञापन में मोर्चा ने कहा कि आगामी जनगणना के प्रथम चरण ‘हाउस लिस्टिंग’ के दौरान परिवारों से जो जानकारी एकत्र की जा रही है, उसमें जातिगत श्रेणी के लिए केवल अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ‘अन्य’ का विकल्प दिया गया है। संगठन का आरोप है कि ओबीसी के लिए अलग कॉलम न होने से इस वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकलन नहीं हो सकेगा, जिससे सामाजिक न्याय की अवधारणा प्रभावित होगी।
मोर्चा ने इसे ओबीसी समाज के साथ अन्याय बताते हुए मांग की कि जनगणना प्रपत्र में ओबीसी के लिए पृथक श्रेणी का प्रावधान किया जाए, ताकि इस वर्ग की वास्तविक संख्या का आंकड़ा सामने आ सके।
डिजिटल जनगणना की पारदर्शिता पर भी उठाए सवाल
संगठन ने जनगणना के लिए विकसित किए गए ‘एचएलओ ऐप’ (HLO App) के माध्यम से डिजिटल डेटा संग्रह की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। ज्ञापन में कहा गया कि यदि डिजिटल माध्यम से गलत जानकारी दर्ज हो जाती है तो उसकी जवाबदेही तय करने की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जनगणना की विश्वसनीयता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
मोर्चा ने मांग की कि डिजिटल जनगणना के साथ-साथ भौतिक सत्यापन की पारदर्शी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। संगठन के अनुसार, देश के 31 राज्यों के 625 जिलों में एक साथ ज्ञापन सौंपे गए हैं। मांगों की अनदेखी होने पर भविष्य में ‘भारत बंद’ जैसे बड़े आंदोलन का भी आह्वान किया जा सकता है।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष एवं जिला संयोजक मोहनलाल वर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
