फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अप्रैल 2026 जनपद में आलू उत्पादकों की समस्याओं को देखते हुए आलू आधारित उद्योग स्थापित करने की मांग अब तेज हो गई है। इस संबंध में आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तर प्रदेश के निदेशक अशोक कटियार ‘एडवोकेट’ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है।
पत्र में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है। इस वर्ष अच्छी पैदावार के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। फर्रुखाबाद, जो प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में शामिल है, वहां की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि विश्व स्तर पर चीन आलू उत्पादन में पहले स्थान पर है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर है। इसके बावजूद देश में आलू का बहुत कम हिस्सा ही निर्यात और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) में उपयोग हो पाता है। वर्तमान में केवल लगभग एक प्रतिशत आलू ही निर्यात किया जाता है और लगभग एक प्रतिशत ही खाद्य प्रसंस्करण में उपयोग होता है।
पत्र में यह भी बताया गया है कि भंडारण की उचित व्यवस्था और बाजार की कमी के कारण हर वर्ष 15 से 20 प्रतिशत आलू खराब हो जाता है, जो लगभग 8 से 12 मिलियन टन के बराबर है। इस नुकसान को कम करने के लिए आलू से वोडका एवं अन्य उत्पाद बनाने की तकनीक रूस, चीन और पोलैंड जैसे देशों से मंगाकर फर्रुखाबाद में उद्योग स्थापित करने का सुझाव दिया गया है।
अशोक कटियार ने अपने पत्र में कहा है कि यदि आलू आधारित उद्योग स्थापित होते हैं तो न केवल किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस दिशा में आवश्यक कदम उठाते हुए फर्रुखाबाद में आलू आधारित उद्योग स्थापित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाए, ताकि किसानों की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
